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प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई का गिरते स्तर पर शासन सख्त

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बिजनौर। शासन ने प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर पर कड़ा रुख अपनाया है। इस बारे में सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने विकास भवन में आयोजित बैठक में बीईओ की जमकर क्लास ली है। छात्रों के अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों की ग्राम शिक्षा समिति एवं विद्यालय प्रबंध समिति का पुनर्गठन होगा। छह सितंबर को नवगठित समितियों के अध्यक्ष एवं हैड मास्टरों का ब्लॉक वार सम्मेलन होगा।
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सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार विद्यालय प्रबंध समिति तथा बीईओ पर विद्यालय प्रबंधन का दायित्व होता है। छह से 14 वर्ष तक बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन, बच्चों एवं शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति, विद्यालय का माहौल बाल मैत्रीपूर्ण बनाकर शिक्षा का स्तर सुधारने की जिम्मेदारी हैं। डीएम के निर्देश पर प्राथमिक स्कूलों में की गई छापामारी में अनेक खामियां सामने आई हैं। मामला शासन तक पहुंचा। इस पर समितियों के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है। विद्यालय समिति में हैड मास्टर, हल्का लेखपाल, एएनएम समेत चयनित 11 अभिभावकों को शामिल किया गया है। समिति में 50 प्रतिशत महिला अभिभावकों का होना जरूरी है। ग्राम शिक्षा समिति में तीन अभिभावक मेंबर होते हैं।

विद्यालय का ऑडिट नहीं होने पर होगी कार्रवाई
बिजनौर। शासन ने विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्षों के उन्मुखीकरण के लिए होने वाले सम्मेलन के लिए हर ब्लॉक को पांच हजार रुपये आवंटित किए हैं। यह धन बैनर, पंपलेट, प्रतिभागियों के बैठने और जलपान पर खर्च किया जाएगा। शासन ने प्रत्येक विद्यालय के लिए सोशल आडिट टीम का गठन करने एवं समय पर ऑडिट कराने की हिदायत दी है। ऑडिट नहीं कराने पर कार्रवाई होगी।
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