स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही नर्सरी का निरीक्षण करते अधिकारी स्रोत गन्ना
धामपुर। स्वयं सहायता से जुड़ीं महिलाएं उन्नत प्रजातियों के गन्ने से सिंगल बड से पौधों की नर्सरी तैयार कर रही हैं। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की तरक्की में योगदान दे रही हैं। 21 से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों में शामिल 200 महिलाएं गन्ना नर्सरी तैयार कर रही हैं।
शरदकालीन गन्ने की बुवाई के लिए भी करीब 12 लाख से अधिक पौधों को तैयार किया गया था। वसंत कालीन गन्ने की बुआई के लिए नई प्रजातियों की पौधे बनाने का कार्य शुरू किया। एक पौध की आधी कीमत गन्ना विभाग व आधी कीमत किसान को देनी होती है।
श्रीराम स्वयं सहायता समूह परमावाला, स्वयं सहायता समूह नैंसीवाला, देवांशी स्वयं सहायता समूह फलोदी में शामिल महिला अनीता, बबीता, विनीता, गीता, सरोज, ममता का कहना है कि वह पिछले कई सालों से पौधों को तैयार कर रही हैं। वह पहले घरेलू कामकाज निपटाती है। बाद में नर्सरी को तैयार करने में पूरा वक्त लगाती है। नवीन प्रजाति कोसा 16202, 18231, 13235 ,0118 के गन्ने के बीज की सिंगल बड से पौधों को तैयार किया जा रहा है।