शिवाला कलां/नूरपुर। ग्राम शिवाला कलां में कई वर्षों से ईद उल अजहा पर कुर्बानी, मोहर्रम पर ताजिए एवं रामडोल जुलूस निकालने पर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए थाने में बुलाई गई बैठक में दोनों पक्षों में लिखित रूप से समझौता हो गया। समझौते के अनुसार ईद पर गांव में खुले एवं सार्वजनिक स्थान पर कुर्बानी नहीं की जाएगी। रामडोल का जुलूस प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
शिवाला कलां में कई वर्षों से ईद पर कुर्बानी एवं रामडोल जुलूस निकालने को लेकर विवाद चल रहा है। गत वर्ष ईद पर हिंदू समाज द्वारा बड़े पशुओं की कुर्बानी का विरोध करने पर प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी थी। विरोध में मुस्लिमों ने ईद की नमाज नहीं पढ़ी थी। बाद में हिंदुओं द्वारा रामडोल का जुलूस निकालने को लेकर काफी बवाल हुआ था। प्रशासन ने बिना अनुमति जुलूस निकालने का प्रयास कर रहे ग्रामीणों को मंदिर से बाहर नहीं निकलने दिया था। विरोध में ग्रामीणों ने अमरोहा नूरपुर मार्ग पर जाम लगा दिया था। अधिकारियों ने विवाद सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के 15-15 लोगों की कमेटी बनाकर विवाद सुलझाने के लिए कहा था। शनिवार को थाने में एसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्रा एवं एडीएम प्रशासन विनोद कुमार की मौजूदगी में हुई दोनों पक्षों की बैठक में विवाद सुलझाने के लिए लिखित समझौता हो गया। एसपी सिटी और एडीएम के अनुसार ईद पर सार्वजनिक स्थान पर कोई कुर्बानी नही होगी। बड़े एवं प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं की जाएगी। ग्रामीण अपने घरों में कुर्बानी कर अवशेषों को दफन करेंगे। गांव में कुर्बानी का मांस खुला नहीं लाया जाएगा। इसके अलावा जन्माष्टमी का त्योहार शिव मंदिर परिसर में ही मनाया जाएगा। वहीं पूजा अर्चना एवं प्रोजेक्टर पर कृष्णलीला का मंचन होगा। रामडोल का जुलूस प्रशासन से अनुमति लेने के बाद ही निकाला जा सकेगा। अनुमति के न मिलने पर जुलूस नहीं निकलेगा। इसके अलावा मोहर्रम पर ताजियों की लंबाई 40 फिट से अधिक नहीं रहेगी। सद्दों के जुलूस में केवल 15 लोग ही शामिल रहेंगे। दोनों पक्षों के लोगों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए है। बैठक में भारत सिंह, महेश सिंह, गौरव आर्य, देवेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान शराफत हुसैन, शमीम अहमद, फुरकान अहमद, राशिद हुसैन के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। थानाध्यक्ष सतेंद्र कुमार ने भी समझौते की पुष्टि की है।