गन्ना सट्टों को लेकर किसान दिवस में शोर शराबा
बिजनौर। किसान दिवस में फर्जी गन्ना सट्टों को लेकर किसानों ने शोर शराबा किया। किसानों ने बांड बढ़ाने की प्रक्रिया जबरन रुकवाने की चेतावनी दी। बिजली अधिकारियों व कर्मचारियों पर काम करने के लिए पैसे मांगने के आरोप लगे। धामपुर के अधिशासी अभियंता पर किसानों की बात नही सुनने को लेकर किसान जमकर बरसे। सीडीओ ने किसानों की शिकायतों से सहमति जताते हुए कार्रवाई का भरोसा देकर किसानों को शांत किया।
किसान दिवस में भाकियू नेता विजयपाल सिंह समेत अनेक किसानों ने आरोप लगाया कि किसानों का बेसिक कोटा समाप्त नहीं हुआ है। गन्ना विभाग ने बांड बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चांदपुर गन्ना समिति में दर्जनों फर्जी सट्टे चल रहे हैं। किसानों ने फर्जी सट्टों की सूची नाम आदि विवरण के साथ सीडीओ को दी। एससीडीआई रामभद्र द्विवेदी ने किसानों के सामने अपना पक्ष रखने की भरपूर कोशिश की परंतु किसानों ने उनकी एक नही सुनी।
मौहम्मदपुर देवमल ब्लाक के गांव बाकरपुर नंगला के किसान ने शिकायत की कि उनके गांव में वर्ष 2016 में खंभे लगा दिए गए। परंतु तार आज तक नहीं खींचे गए हैं। ग्रामवासी बिजली अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते परेशान हैं। किसानों का आरोप था कि धामपुर के एक्सईएन का किसानों के साथ बर्ताव ठीक नहीं है। उनकी बात तक नहीं सुनी जाती है। धामपुर को नया डिवीजन बना दिया गया है। आरोप लगाया कि दो दो तीन तीन लाख वेतन लेने वाले अधिकारी कुछ नहीं करते हैं। आखिर किसान अपना दुखड़ा किसके सामने रोए।
सीडीओ ने मौजूद धामपुर डीवीजन के एसई से कहा कि काम के नाम पर बिजली अधिकारी व कर्मचारी निगाह बचाते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को भी अधिशासी अभियंता धामपुर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी द्वारा किसानों को सम्मान देने तथा कार्रवाई का भरोसा देने पर किसान शांत हुए। किसान दिवस में टूटी सड़कों, गन्ना पर्चियों का काम मेरठ से बिजनौर स्थानांतरित करने, नहरों में पानी आदि के मामले उठे। किसान दिवस में अधिकारियों के नही आने पर किसानों ने नाराजगी जताई।
गैरहाजिर अधिकारियों की होगी प्रतिकूल प्रविष्टी
बिजनौर। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने किसान दिवस में लगातार गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टी करने के लिए विभाग अध्यक्षों को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने बुधवार के किसान दिवस में गैरहाजिर अधिकारियों का जवाब तलब करने को कहा है।