धामपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर राकेश मित्तल ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ धामपुर नगर के दो निजी अस्पतालों को सील कर दिया है। सीएमओ ने बताया कि शिकायत मिल रही थी कि यह दोनों अस्पताल अवैध रूप से चल रहे हैं। विभाग की ओर से अस्पतालों की जांच शुरू कर दी गई है। यदि जांच में इन अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों की डिग्री और अस्पताल फर्जी पाया जाएगा तो पुलिस में रिपोर्ट कायम करा कर कार्रवाई कराई जाएगी।
सीएमओ ने बताया कि शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने जनपद बिजनौर के सभी निजी अस्पतालों की जांच शुरू कर दी है। जनपद बिजनौर में कुल 137 रजिस्टर्ड नर्सिंगहोम हैं, जबकि संज्ञान में आ रहा है कि कहीं इन से ज्यादा अस्पताल बिजनौर में अवैध तौर पर चल रहे हैं। जो स्वास्थ्य मानकों के खिलाफ है। इसी परिपेक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को नहटौर मार्ग एक निजी अस्पताल और शेरकोट चुंगी स्थित अस्पताल को सील कर दिया है। बताया कि इन दोनों अस्पतालों की पिछले दिनों मानवाधिकार आयोग को शिकायत हुई थी। प्रदेेेश प्रमुख सचिव के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन दोनों अस्पतालों को सील किया है। कार्रवाई के दौरान मौके पर दोनों अस्पतालों में से किसी में भी कोई डाक्टर मौजूद नहीं मिला। न ही कोई मरीज भर्ती पाया गया। अस्पताल के अन्य कर्मियों ने बताया कि दो दिन पहले अस्पताल में तीन चार महिलाओं का प्रसव हुआ है, पर वे महिलाएं कहां की थी। इसके बारे में सीएमओ को कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। सीएमओ की कार्रवाई से नगर क्षेत्र के अन्य निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है । कई चिकित्सक अस्पतालों के शटरों को डाउन कर इधर-उधर भाग खड़े हुए। सीएमओ ने बताया कि उनके द्वारा शुक्रवार से अस्पतालों की चेकिंग का काम शुरू कर दिया गया है। जनपद बिजनौर में जितने भी अस्पताल है। सभी की की चेकिंग होगी। जो अस्पताल अवैध और डाक्टरों की डिग्रियां जांच में फर्जी मिलेगी। उनके संचालकों पर कार्रवाई होगी।