मंडावली/नजीबाबाद। मुस्लिमों द्वारा कुर्बानी के बाद पशुओं के अवशेष धर्मस्थल के नजदीक डाल दिए जाने से रोष फैल गया। पुलिस ने समय रहते गांव पहुंचकर अवशेषों को दफन कराया। मुस्लिमों द्वारा अपनी भूल स्वीकार किए जाने से मामले का पटाक्षेप हो गया।
नजीबाबाद तहसील के गांव मुस्सेपुर में रविवार सुबह करीब आठ बजे धर्मस्थल पर दीया जलाने पहुंचीं महिलाओं को पशुओं के अवशेष पड़े मिले। महिलाओं की सूचना पर ग्रामीणों द्वारा गांव में पुलिस बुला ली गई। एसआई अमरपाल सिंह ने आनन-फानन में पशुओं के अवशेषों को दफन कराया। ग्राम प्रधान डॉ.अजयवीर सिंह, ग्रामीणों जयपाल, अशोक, ओमपाल ने पुलिस को बताया कि गांव मुस्सेपुर में ईद पर कुर्बानी की कोई परंपरा नहीं है। अब तक मुस्लिम अन्यत्र कुर्बानी करते आ रहे थे। अब गांव में ही परंपरा के विपरीत कुर्बानी कर अवशेष खुले में डाल दिए गए। उन्होंने हिंदू समाज के लोगों की आपत्ति से पुलिस को अवगत कराया। हिंदू समाज उत्थान समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार की ओर से पुलिस को तहरीर सौंपी गई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को थाने बुलाया। थाने पहुंचे मुस्लिम समुदाय के लोगों शौकीन, बुंदू, यूनुस, अनवार, मुन्ने, फरीद, अय्यूब, इसरार, खुुर्शीद ने थानाध्यक्ष एसपी सिंह के समक्ष अपनी भूल स्वीकार की। उन्होंने माना कि अवशेष खुले में नहीं डाले जाने चाहिए थे। हिंदू समुदाय द्वारा कुर्बानी पर आपत्ति जताने पर मुस्लिमों ने पहले की तरह अन्यत्र कुर्बानी के प्रति आश्वस्त किया। जिससे मामले का पटाक्षेप हो गया। हिंदू समुदाय के लोग संजय, आदेश, ईशम सिंह, अतुल राज, जगपाल मौजूद रहे।