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भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह की भी सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत

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नूरपुर। विधायक लोकेंद्र चौहान की सड़क हादसे में हुई मौत के कारण क्षेत्र की जनता में मायूसी है। लोकेंद्र चौहान ने हमेशा लोगों के हक के लिए लड़ाई लड़ी। इसी कारण वह क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। क्षेत्रीय समस्याओं के निदान को लेकर वह धरना-प्रदर्शन करने में भी हमेशा आगे रहे। वर्ष 2015 में सपा सरकार में अमरोहा जनपद में बनने वाली नवसृजित तहसील नौंगावा सादात में शासन द्वारा नूरपुर ब्लॉक के 44 गांवों को मिलाने का प्रस्ताव हुआ था। उस समय लोकेंद्र बिजनौर मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर गोहावर के पास टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए थे। 21 घंटे तक हाईवे जाम रहने के कारण प्रशासन को झुकना पड़ा था। तत्कालीन डीएम भूपेंद्र एस चौधरी द्वारा लिखित में आश्वासन देने पर ही विधायक ने धरना समाप्त किया था।
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नूरपुर में रामडोल जुलूस शांतिपूर्ण निकलवाने में थी अहम भूमिका
नूरपुर। नूरपुर में बहुचर्चित रामडोल जुलूस को लेकर उत्पन्न हुए विवाद के चलते सांप्रदायिक आग को भड़कने से रोकने में विधायक लोकेंद्र चौहान का अहम रोल रहा है। उनके प्रयास से ही रोका गया रामडोल जुलूस करीब छह माह बाद शांति पूर्ण ढंग से निकाला गया था।
दो वर्ष पूर्व नूरपुर में रामडोल जलूस के रूट को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। हिंदू समुदाय के लोगों ने परंपरागत रास्ते से जुलूस नहीं निकलने देने पर जुलूस रोक दिया था और हिंदू जागरण मंच सहित विभिन्न हिंदू संगठन के लोग सड़कों पर उतर आए थे। उस समय विधायक लोकेंद्र चौहान ने तत्कालीन डीएम वीके पंवार से वार्ता कर जुलूस निकलवाने को कहा था। उन्होंने लोगों को समझाकर सांप्रदायिक माहौल भी नहीं बिगड़ने दिया था। बाद में विधायक के प्रयास से करीब छह माह बाद परंपरागत रास्ते से जुलूस निकाला गया था।
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विधायक ने दी नूरपुर में भव्य श्मशान घाट की सौगात
नूरपुर। दिवंगत भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान के प्रयास से नूरपुर में भव्य श्मशान घाट का निर्माण हो सका है। नूरपुर-चांदपुर मार्ग पर गुजर रही बान नदी के पुल के पास ग्राम पंचायत पीपला जागीर के जंगल में श्मशान घाट था, जहां पर हिंदू शवों का अंतिम संस्कार करते आ रहे थे। श्मशान घाट की हालत काफी दयनीय थी। वहां पर शवों को ले जाने के लिए पर्याप्त रास्ता नहीं था। गंदगी का अंबार होने के कारण मध्यम वर्ग के लोग वहां शव का अंतिम संस्कार करने नहीं जाते थे। करीब एक दशक पूर्व सीनियर सिटीजन संघ ने श्मशान घाट को भव्य बनाने का बीड़ा उठाया था, लेकिन श्मशान भूमि पर किसानों का अवैध कब्जा होने के कारण समस्या उत्पन्न हो रही थी। सीनियर सिटीजन की मांग पर लोकेंद्र सिंह चौहान के प्रयास और प्रशासन की मदद से उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराकर श्मशान घाट के भव्य निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। इस निर्माण कार्य में दिवंगत विधायक का स्वयं का भी आर्थिक सहयोग रहा है। भव्य श्मशान घाट उनकी याद दिलाता रहेगा।
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