प्रचार के अभाव में सफल नहीं हुआ पोलियो अभियान
धामपुर/कासमपुरगढ़ी। पल्स पोलियो दिवस पर शिक्षकों का अपेक्षा के अनुरूप सहयोग नहीं मिलने से अभियान की सफलता पर सवालिया निशान लग गया है। कर्मचारियों ने कहा कि चारों ब्लाकों में से अधिकांश बूथों पर शिक्षामित्रों ने सहयोग किया, लेकिन शिक्षकों की संख्या न के बराबर रही। कई गांवों में स्कूलों के नहीं खुलने से लोगों में अंसतोष पनपा रहा।
धामपुर तहसील क्षेत्र में चार ब्लाक आंकू, धामपुर , बुढ़नपुर और अफजलगढ़ शामिल है। 23 को पल्स पोलियो अभियान की सफलता के लिए कई दिन पहले बीएसए महेशचंद ने जिले के बीईओ को निर्देश किया था कि वह अपने ब्लाकों में मौजूद रहकर अभियान की सफलता के लिए प्रचार प्रसार को गांवों में जागरूकता रैली निकलवाएं। हालांकि बीएसए के आदेश पर अमल नहीं हुआ। 23 जून को बूथों से शिक्षकों के नदारद होने से कार्यक्रम के लगे कर्मचारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। कर्मचारियों ने गैर हाजिर रहे शिक्षकों पर डीएम से कार्रवाई करने की मांग की। पीएचसी धामपुर के प्रभारी डा. पीके गुप्ता ने बताया कि उनके स्तर से देहात में 158 और नगर में 26 बूथ बनाए गए थे। सुपरवाइजरों से मिली रिपोर्ट के आधार पर देहात और नगर में इस बार शिक्षकों का सहयोग नगण्य रहा। अधिकांश स्कूल बंद रहे। उन्होंने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही है। उधर, कासमपुरगढ़ी में के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. रजनीश का कहना है कि उनके यहां भी शिक्षकों ने कार्यक्रम की अनदेखी की। शिक्षकों का सहयोग न के बराबर रहा। पूरे बलाक क्षेत्र में पांच तक की आयु के 25 हजार बच्चों को पोलियो निरोधक खुराक पिलाने का लक्ष्य था। शाम तक 40 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति भी नही हो सकी।