इंसाफ दिलाने की जगह महिला कर्मचारी का किया तबादला
बिजनौर। महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न के मामलों को लेकर राज्य सरकार सख्त है वहीं जिले के अफसर नलकूप विभाग में कार्यरत एक चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी के साथ दुष्कर्म के प्रयास के मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। पीड़िता को इंसाफ दिलाने के नाम पर विभाग के अफसरों ने उसका तबादला कर दिया। कुछ दिन के लिए आरोपी लिपिक का भी तबादला करके फिर वापस बुला लिया गया। अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
नगीना की रहने वाली एक महिला नलकूप विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। महिला के मुताबिक कार्यालय के बड़े बाबू अविनाश कुमार व दूसरे लिपिक कमल कुमार दोनों उस पर बुरी नजी रखते हैं। 25 अप्रैल को दिन में दिन में कार्यालय में अविनाश कुमार अकेले मौजूद थे। उन्होंने महिला को अपने कार्यालय के अंदर बुलाया व बुरी नीयत से महिला को दबोच लिया। महिला की चूड़ियां टूट गईं व उसके कपड़े फाड़ दिए। महिला ने विरोध किया। शोर मचाया तो कुछ लोगों के आने पर लिपिक अविनाश कुमार अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए। महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गई तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। महिला ने नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता बाबूराम से इस मामले की शिकायत की तो महिला का तबादला बिजनौर व अविनाश कुमार का तबादला धामपुर कर दिया गया। कुछ दिन बाद अविनाश कुमार को धामपुर से वापस नगीना भेज दिया गया व महिला का बिजनौर से धामपुर के लिए तबादला कर दिया गया। जबकि महिला नगीना की रहने वाली है। महिला अफसरों के सामने कई बार गिड़गिड़ाई पर उसे कोई इंसाफ नहीं मिला। महिला अफसरों के पास इंसाफ के लिए भटकती घूम रही है। पर विभाग के अफसर उसे इंसाफ नहीं दिला रहे हैं। नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता बाबूराम के अनुसार वह इस मामले में कुछ बात नहीं करना चाहते हैं। कुछ नहीं बताएंगे। नलकूप विभाग के एसई आलोक गोयल के मुताबिक यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। महिला उनके पास आकर शिकायत करे तो उसे इंसाफ दिलाया जाएगा।