फिजियोथैरेपी सेंटर का किया शुभारंभ
गंजदारानगर। श्रीयति विशोकानंद वृद्ध सोसायटी में इंडियन स्ट्रोक एंड पैरालिसिस केयर सेंटर का शुभारंभ किया गया। सेंटर के खुलने से अब जिले के लकवे से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। कार्यक्रम में जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल, मणिपाल हॉस्पिटल, मेदांता हॉस्पिटल से चिकित्सकों की टीम भी शामिल हुई।
डा.नरेश कुमार ने बताया कि लकवा व अधरंग पीड़ित मरीजों का उपचार सेंटर पर सस्ती दरों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जाएगा। चिकित्सकों ने बताया कि पैरालाइसिस का उपवार केवल फिजियोथैरेपी से ही संभव है। भारत में ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसका कारण तनावग्रस्त जीवन, ब्लड प्रेशर व डायबिटीज है। समय से उपचार नहीं मिलने पर ऐसे मरीजों को अपाहिज का जीवन जीना पड़ता है। जो लोग समर्थ हैं वे लाखों रुपये लगाकर दिल्ली आदि में उपचार कराते हैं। इंडियन स्ट्रोक एंड पैरालिसिस फाउंडेशन के प्रमुख डा.धर्म पांडे ने बताया कि वे सालों से फाउंडेशन के माध्यम से मरीजों का उपचार करा रहे हैं। बताया कि बिजनौर जिले में विशोकानंद सोसायटी पिछले दस सालों से 140 गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है तथा गांव दारानगर गंज में फिजियोथैरेपी सेवाएं प्रदान कर रही है। फाउंडेशन के मुख्य सचिव डा.नरेश गुप्ता ने बताया कि विशोकानंद सोसायटी में बड़े शहरों की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस फिजियो थैरेपी सेंटर बनाया गया है। सचिव अविनाश दत्ता ने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि रमेश कनोडिया, चेयरपर्सन के पति शमशाद अंसारी, डा.अवधेश पांडे, डा.पीके सिंह, डा.रचना थपलियाल, डा.सतीश कनोडिया, ठाकुर जसवंत सिंह, रंजीत चौधरी, वीरेंद्र सिंह गुर्जर, डा.बृजेश रंजन, राजेंद्र सिंह, राकेश पाल, डा.राजेश कनोडिया, डा.रमनदीप कौर, ग्राम प्रधान वीरेंद्र शर्मा, रिंकू शर्मा आदि मौजूद रहे।