नजीबाबाद (बिजनौर)। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर क्षेत्र के सभी बैंकों में ताले लटके रहे। बैंक कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं पर प्रदर्शन किया। बैंकों के बंद होने से ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
बैंकों के विलय, निजीकरण, श्रम विरोधी कानून और कर्ज माफी प्रक्रिया की विसंगतियों के विरोध में नगर के सभी बैंक बंद रहे। स्टेट बैंक, पंजाब बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, नैनीताल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक सहित क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। राघवेंद्र अत्री, अनिल प्रभाकर, सचिन कुमार, शशांक तिवारी, राजेंद्र निषाद, लव कुमार, अनुराग शुक्ला, मो. आदिल, राजेश प्रसाद, सुरेंद्र पाल, आनंद पासवान, जसपाल, दीपचंद के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सरकार की बैंक और कर्मचारी विरोधी नीतियों पर रोष जताते हुए नारेबाजी की। इस मौके पर निर्वाण शांडिल्य, अंशुल, ज्ञानचंद, कांतेश, संजीव, पीतांबर सहित अनेक बैंक कर्मचारियों ने भाग लिया। बैंकों की हड़ताल के कारण ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।