चेक बाउंस के मामले में दोषी को 15 माह की सजा
बिजनौर। एडीशनल कोर्ट के न्यायाधीश आरए कौशिक ने चेक बाउंस के मामले में दोषी पाते हुए सूरत सिंह को एक वर्ष तीन माह के कारावास और चार लाख 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि वसूल होने पर चार लाख 30 हजार रुपये परिवादी मुनेंद्र सिंह को अदा किए जाने का आदेश दिया है।
अफजलगढ़ निवासी मुनेंद्र सिंह ने गांव वीरभानवाला के अपनी जान पहचान के सूरत सिंह को तीन लाख रुपये उधार दिए थे। उधार की रकम 30 जनवरी 2018 तक वापस की जानी थी। सूरत सिंह ने यह धनराशि नहीं दी। इस राशि के बदले 30 जनवरी 2018 को बैंक ऑफ इंडिया का तीन लाख रुपये का चेक मुनेंद्र सिंह को दिया। मुनेंद्र सिंह ने जब इस चेक को भुगतान के लिए एचडीएफसी बैंक के अपने खाते में जमा किया तो चेक में पर्याप्त धनराशि न होने पर चेक बाउंस हो गया। अधिवक्ता तरुण दीक्षित के अनुसार अदालत ने चेक बाउंस में सूरत सिंह को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
दुष्कर्म के मामले में भूपेंद्र की जमानत निरस्त
बिजनौर। स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट अवधेश कुमार ने एक दलित महिला के साथ दुष्कर्म करने के मामले में भूपेंद्र उर्फ बब्लू की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। शासकीय अधिवक्ता शलभ शर्मा के अनुसार रेहड़ के एक गांव में 25 अप्रैल 2000 की रात को अपने घर में सो रही एक महिला के साथ भूपेंद्र ने दुष्कर्म किया था। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए भूपेंद्र की जमानत याचिका निरस्त की है।