मनकुआ से डाॅ. लाखन सिंह अपनी माता हरदेई, किशोर मनोहर सिंह अपनी माता फूलवती देवी एवं प्रवीण सिंह अपनी माता युद्धिया देवी के साथ महात्मा गांधी के विचार सुनने के लिए आठ किलोमीटर का पैदल सफर कर सभा में पहुंचे थे। इन महिलाओं ने अंग्रेजी शासन का विरोध किया और लोगों को आजादी की लड़ाई के लिए प्रेरित भी किया।
पुलिस ने 1933 में ब्रिटिश शासन का विरोध करने और जिला मुख्यालय पर विदेशी कपड़ों की होली जलाने के आरोप में हरदेई, फूलवती देवी और युद्धिया देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इन पर आर्थिक दंड भी लगाया गया। जुर्माना अदा नहीं करने के कारण महिलाओं के घरों की कुर्की की गई।
महिलाओं के परपौत्र सेवानिवृत अध्यापक कीर्ति कुमार, देवराज सिंह और चेतन कुमार बताते हैं कि जेल में कैद इन महिलाओं से साफ-सफाई के अलावा निर्धारित मात्रा में आटा पीसने और खाना बनाने का कार्य कराया जाता था।