स्कूल आवंटन के नाम पर खेल हुआ शुरू
बिजनौर। अंतर जनपदीय तबादले पर आए शिक्षकों की स्कूलों में तैनाती के लिए शिक्षक बीएसए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। 443 शिक्षकों को स्कूल आवंटित होने हैं। पर तबादले के एक सप्ताह बाद भी खाली पदों वाले स्कूलों की सूची बीएसए कार्यालय पर चस्पा नहीं की गई है। मेरठ जनपद से आए शिक्षकों की सूची में भरमार है। स्कूल आवंटन के नाम पर भी खेल होना शुरू हो गया है। शिक्षक संगठनों ने बीएसए से रिक्त पदों वाले स्कूलों की सूची कार्यालय पर चस्पा कराने की मांग की है।
अंतर जनपदीय तबादले पर दूसरे जिलों से आने वाले शिक्षकों की प्रतिदिन बेचैनी बढ़ती जा रही है। तबादले पर आए शिक्षकों की बीएसए कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने की 28 जून अंतिम तिथि थी। उपस्थिति दर्ज कराने के एक सप्ताह बाद भी रिक्त पदों वाले स्कूलों की सूची बीएसए कार्यालय पर चस्पा नहीं की गई है। इससे शिक्षक में स्कूल आवंटन में गड़बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। तबादले पर आए शिक्षकों में मेरठ जनपद के काफी शिक्षक बताए जाते हैं। बीएसए कार्यालय इन शिक्षकों को प्रतिदिन मेरठ से उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आना पड़ता है। स्कूलों में शिक्षक कब जाएंगे। इसका अभी किसी को नहीं पता।
स्कूलों के आवंटन को लेकर खेल शुरू हो गया है। लेकिन बीएसए की ओर से पारदर्शिता बरतने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर, शिक्षक संगठनों ने जिले में रिक्त पदों वाले स्कूलों की सूची बीएसए कार्यालय पर चस्पा करने की मांग की है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह का कहना है कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान, गणित के रिक्त स्थानों की सूची तथा प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों सूची कार्यालय द्वारा तत्काल प्रकाशित करनी चाहिए। दूसरी ओर, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय संगठन मंत्री ने भी बीएसए से सूची कार्यालय पर चस्पा कराने की मांग की है।