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मेले में 1325 किसानों ने दर्ज कराई थीं आपत्तियां

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धामपुर। गन्ना विभाग की ओर से किसानों की गन्ना सट्टे से संबंधित समस्याओं का निदान कराने को धामपुर गन्ना समिति में 15 से 25 सितंबर तक दस दिवसीय किसान मेले का आयोजन किया गया था। इसमें 1325 किसानों ने गन्ना सट्टे से संबंधित आपत्तियां दर्ज कराई थी। विभाग की ओर से 850 आपत्तियों का जांच बाद निदान कर दिया गया है। कोई आधार नहीं होने पर 150 शिकायतों को निरस्त कर संबंधित किसानों को अवगत करा दिया गया है।
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ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडेय ने बताया कि प्रदेश के गन्ना आयुक्त का आदेश है कि किसानों की सट्टा संबंधी समस्याओं का निदान हर हाल में 30 सितंबर तक हो जाना चाहिए। बृहस्पतिवार को समस्याओं का निदान कराने का आखिरी दिन है। इसलिए विभाग की ओर से किसानों को बार बार अवगत कराया जा रहा है कि यदि किसी की कोई समस्या है तो वह दर्ज करा निदान करा ले।
40 प्रतिशत किसानों ने नहीं किए ऑनलाइन घोषणा पत्र
एससीडीआई अमित कुमार पांडेय ने इस बात पर चिंता जताई कि विभाग के बार-बार आग्रह करने के बाद भी केवल 60 प्रतिशत किसानों ने स्वयं ऑनलाइन घोषणापत्र किए हैं। जिन किसानों ने अब तक ऐसा नहीं किया है तो वह जल्द ऑनलाइन घोषणापत्र करा दें, नहीं तो गन्ने का सीजन चालू होने के बाद उनकी गन्ना पर्चियों के निर्गमन में दिक्कत आएगी।
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कच्चे परची कैलेंडरों में गड़बड़ी को ठीक कराएं
गन्ना विभाग के अफसरों का कहना है कि गन्ना किसानों के कच्चे पर्ची कैलेंडरों को 15 सितंबर से ऑनलाइन कर दिया गया है। किसान मोबाइल से गन्ना विभाग की साइट पर जाकर ऑनलाइन कच्चे पर्ची कैलेंडरों में अपने गन्ने का डाटा चेक कर सकते हैं। यदि किसी के डाटा में कमी है तो ऐसे किसानों को ठीक कराने का एक अंतिम मौका तीस सितंबर तक दिया जा रहा है। इसके बाद कोई संशोधन संभव नहीं होगा सकेगा।
मिल चालू होने के एक सप्ताह पहले बंटेंगे पक्के गन्ना पर्ची कैलेंडर
अफसरों का कहना है कि गन्ना आयुक्त के आदेश पर चीनी मिलों के चालू होने के एक सप्ताह पहले गन्ना विभाग की ओर से किसानों को पक्के गन्ना परची कैलेंडर का वितरण किया जाएगा।
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