बिजनौर। किसानों की फसल ऋण माफी के लिए प्रदेश सरकार बहुत गंभीर है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने दूसरी बार किसानों को ऋण माफी के लिए आवेदन करने का मौका दिया है। ऋण माफी से वंचित रह गए किसान फिर से एक से 15 जून तक आवेदन कर सकते हैं। इन किसानों की पात्रता की जांच होगी। अगर किसान ऋण मोचन के पात्र निकलते हैं तो इनका ऋण माफ किया जाएगा।
योगी सरकार ने दो हेक्टेयर/25 बीघा जमीन जमीन वाले किसानों को योजना में शामिल किया था। शासनादेश के अनुसार 31 मार्च 2016 से पहले ऋण लेने वाले व 31 मार्च 2017 तक ऋण जमा न करने वाले किसानों के कर्ज से कुल एक लाख रुपये तक की राशि माफ की गई। योजना में जिले के कुल 78 हजार 706 किसानों का अब तक करीब 459 करोड़ रुपये का फसली ऋण माफ हो चुका है। इनमें एनपीए खाते वाले छह 976 किसानों का 88.35 करोड़ रुपये का ऋण भी शामिल है। पात्र होने के बाद भी ऋण माफी से वंचित रह गए किसानों को शासन ने एक मौका दिया था। आपत्ति दाखिल कराने वालों की जांच कराने पर पांच हजार 831 किसान ऋण माफी के पात्र निकले। इन पर 42 करोड़ चार लाख का कर्ज था। इस राशि के लिए शासन से डिमांड भेज दी गई है। वर्तमान में एनपीए खाते वाले किसानों से आपत्ति मांगी गई है। एनपीए खाते वाले किसान तीन जून तक आपत्ति दर्ज कराएंगे, लेकिन अगर इसके बाद भी कोई किसान कर्ज माफी से छूट गया है तो वह एक से 15 जून तक आपत्ति दर्ज करा सकता है। इस अवधि में एनपीए खाते वाले वाले व बाकी शर्तों को पूरी करने वाले दोनों तरह के किसान आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी/योजना के नोडल अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार जो भी किसान खुद को फसल ऋण मोचन का पात्र समझता है वह आपत्ति दर्ज करा सकता है।
ये हैं ऋण माफी की पात्रता की प्रमुख शर्तें
सामान्य किसानों के लिए
-किसान का ऋण 31 मार्च 2016 से पहले लिया गया हो।
-किसान पर दो हेक्टेयर/25 बीघा से ज्यादा जमीन न हो।
-किसान ने एक फसल व एक ही जमीन पर दो बैंकों से ऋण न लिया हो।
-खेती के लिए स्वयं सहायता समूह या स्वयं देयता समूह द्वारा लिया ऋण माफ नहीं होगा।
-अरबन कोऑपरेटिव बैंक व उत्तर प्रदेश सहकारी भूमि विकास बैंक से लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
-चीनी मिल द्वारा किसानों को दिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
-किसान द्वारा ऋण राशि का दुरुपयोग करने पर ऋण माफ नहीं होगा।
-फसल उत्पादन से अलग कार्य के लिए लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
एनपीए खाते वाले किसानों के लिए
-किसान यूपी का निवासी हो और यूपी की बैंक शाखा से ही ऋण लिया हो।
-किसान लघु व सीमांत श्रेणी का होनी चाहिए।
-किसान का खाता आरबीआई द्वारा वर्गीकृत एनपीए श्रेणी में शामिल हो।
-खाते को 31 मार्च 2016 तक एनपीए घोषित किया जा चुका हो।
-25 प्रतिशत राशि किसान खुद खाते में जमा करेगा।