कान्वेंट स्कूलों में 56 गरीब बच्चों को मिलेगा प्रवेश
बिजनौर। नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का कान्वेंट स्कूलों में पढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। जिले के 56 बच्चों के प्रवेश अलग-अलग स्कूलों में कराने के आदेश बीएसए ने जारी किए हैं। प्रवेश में आनाकानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शासन के निर्देश पर अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के प्रवेश आईसीएसई, सीबीएसई एवं मान्यता प्राप्त स्कूलों कराने के आदेश पर जिले में तेज गति से काम चल रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए मार्च के महीने में अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के प्रवेश नर्सरी एवं कक्षा एक में कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक कान्वेंट स्कूलों में प्रवेश के लिए 64 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदन पत्रों की जांच पड़ताल के उपरांत 56 बच्चे प्रवेश के पात्र पाए गए हैं। इन बच्चों के प्रवेश सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में कराने के आदेश दिए गए हैं। अधिकांश बच्चों के प्रवेश धामपुर, चांदपुर, नगीना, अफजलगढ़, हल्दौर और बिजनौर के स्कूलों में कराने के आदेश हैं। बीएसए ने बताया कि यदि किसी स्कूल ने प्रवेश के आदेश की अनदेखी की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अलाभित समूह में दिखी जागरूकता
एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हुआ है। विगत वर्ष की भांति इस बार अलाभित समूह व दुर्बल वर्ग के छात्रों के कान्वेंट स्कूलों में प्रवेश के प्रति भी जागरूकता बढ़ी है। बीएसए कार्यालय के मुताबिक शिक्षा सत्र 2018-19 में इस समूह के 24 बच्चों के प्रवेश ही कान्वेंट स्कूलों में हो पाए थे। पर इस बार बीएसए ने 56 बच्चों के प्रवेश कान्वेंट स्कूलों में करने के निर्देश दिए हैं। अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत कान्वेंट स्कूलों में प्रवेश के नोडल अधिकारी व बीईओ शिव कुमार ने बताया कि शीघ्र ही पात्र बच्चों के प्रवेश संबंधित स्कूलों में करा दिए जाएंगे।