‘...हैरान हूं मैं उसका ये किरदार देखकर’
नजीबाबाद/जलालाबाद। बज्म-ए-उर्दू अदब कल्हेड़ी की ओेर से उर्दू अदब के लिए काम करने वाले शायरों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। बज्म की ओर से तरही शेरी नशिस्त में शायरों ने ताजा कलाम पेश किए।
बज्म-ए-उर्दू अदब एकेडमी की ओर से हाजी इख्लास अहमद के आवास पर सम्मान समारोह और शेरी नशिस्त आयोजित की गई। डॉ. आफताब नोमानी की अध्यक्षता में आयोजित तरही शेरी नशिस्त पूर्व उर्दू की खिदमत करने वाले शायरों तसनीम अहमद, डा. आफताब नोमानी, डा. इलियास अंसारी को प्रशस्तिपत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। शेरी नशिस्त का आगाज इदरीस अहमद की तुम्हें सितारों ने भी जगमगा कर देखा है, फलक ने चांदनी रातों में आके देखा है... नात-ए-पाक से हुआ। तरही शेरी नशिस्त में नदीम साहिल का कलाम अब जिंदगी के नाम से भी हो गई नफरत..., सिराजुद्दीन का कलाम चेहरा बता रहा है मारा है भूख ने..., डा.आफताब नोमानी का कलाम मैंने खुद अपने हाथ से तलवार फेंक दी, दुश्मन को अपने किए पर शर्मसार देखकर..., डॉ. इलियास का कलाम बेपर्दा यूं सरे बाजार देख हैरान हूं मैं उसका ये किरदार देखकर... पेश कर वाहवाही लूटी। शाकिर रिजवी के संचालन में आयोजित शेरी नशिस्त में हाजी इख्लास अहमद, कमर अख्तर, मौलाना मो.आदिल, मो.अजमल, मुमताज अहमद, शाकिर रिजवी, शरीफ साबिर, इदरीस अहमद ने भी अपने ताजा कलाम पेश किए।