कुरान हिफ्ज करने पर दस्तारबंदी कराई
कासमपुरगढ़ी। मदरसा मुमताजुल उलूम कासमपुरगढ़ी के सालाना इजलास में देवबंद से आए मुफ्ती मोहम्मद राशिदुल्ला ने कहा कि अब तुम्हें कोई नबी समझाने के लिए आने वाला नहीं है। इसलिए भलाई को आम करो और बुराई को रोको। आलाकिरदार और अखलाक के साथ इस्लाम के पैगाम को हर खास और आम तक पहुंचाओ। इस अवसर पर कुरान हिफ्ज करने वाले तीन तालिबेइल्म (छात्रों) की दस्तारबंदी की गई। इजलास में मुफ्ती मोहम्मद सलमान कासमी ने कहा कि आज मुसलमान अपने किरदार की वजह से परेशान हैं। दुनिया उसे हिकारत की नजर से देख रही है। जहां मुसलमान को बुराई से दूर होना चाहिए था। वहां वह बुरे काम में फंसा है। यही वजह है कि आज मदरसों पर भी उंगलियां उठ रही हैं। जबकि मदरसे दीन के मरकज हैं। मदरसे के तलबा मोहम्मद ओसामा, मोहम्मद राहील, तफसीर अहमद की कुरान हिफ्ज करने पर दस्तारबंदी की गई। मोहम्मद मौहम्मद सुल्तान, मुफ्ती जुबेर आलम, मोहम्मद याकूब कासमी, मौलाना मोहम्मद याहया आदि मौजूद रहे।