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शहर के लिए बना स्वच्छता प्लान

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बिजनौर। बिजनौर शहर को स्वच्छता में पूरे जिले के लिए मॉडल बनाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सेंटर फोर साइंस एंड एनवायरमेंट को दी गई है। सेंटर की टीम ने शहर के लिए शहरी स्वच्छता योजना तैयार की है। यह योजना लागू होने के बाद जिले की बाकी नगर पालिका व पंचायत इसका अनुसरण करेंगी।
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भूगर्भ जल का अंधाधुंध दोहन, उसका प्रदूषित होना एक समस्या बनती जा रही है। जल को बचाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत शहर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। लेकिन कई और तरीके ऐसे हैं जिनसे सफाई को अपनाया जा सकता है। इनमे डी सेंट्रलाइज वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम, फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट भी प्रमुख हैं। शनिवार को कलक्ट्रेट में एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़ की अध्यक्षता में सभी नगर पालिकाओं के ईओ की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सेंटर फोर साइंस एंड एनवायरमेंट के प्रोग्राम मैनेजर डा.सुमित गौतम व रिसर्च एसोसिएट भाविक गुप्ता ने सभी ईओ को बिजनौर के लिए बनाई गई शहरी स्वच्छता योजना के बारे में बताया। इस प्लान के पूरे जिले में लागू होने पर हर दिन करोड़ों लीटर जल बचाया जा सकता है। साफ हुए इस पानी को खेती में प्रयोग किया जा सकता है।
ऐसे काम करेगी योजना
डीसेंट्रालाइज वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में अपार्टमेंट या कॉलोनी का गंदा पानी साफ होगा। इस प्लांट की लागत बहुत कम होगी और इसमे बिजली का इस्तेमाल नहीं होगा। इसके काम करने का तरीका इतना सरल होगा कि एक माली भी इसे संचालित कर सकता है।
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फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट:यह शहर के बाहर बस रही कॉलोनी के लिए खासतौर से बनाया गया है। कई घरों के सीवर को एक साथ जोड़कर एक गड्ढ़े में डाला जाएगा। इस गडढ़े के ऊपर गार्डन होगा। यहां पर पानी को ट्रीट कर खेतों में दिया जाएगा और गंदगी से खाद बनाया जाएगा।
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