बिजनौर । गंगा नदी की तर्ज पर मालन नदी को निर्मल बनाने की तैयारी है। भाकियू ने मालन नदी को गोद लिया है। प्रशासन के सहयोग से सफाई का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। सफाई चरणवार होगी। प्रथम चरण में मालन नदी का सीमांकन किया जाएगा। एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़ देखरेख करेंगे। राजस्व विभाग की टीम रविवार से मालन नदी के सीमांकन का काम शुरू करेगी।
मालन नदी पूरी तरह दूषित हो गई है। मालन नदी के किनारे बसे गांवों के हैंड पंप में दूषित पानी आने से लोग बीमारियों से ग्रस्त हैं। भाकियू मालन नदी का मामला डीएम अटल कुमार राय के समक्ष उठाया था। यूनियन ने डीएम के समक्ष मालन को गोद लेने का एलान किया था। यूनियन का तर्क था कि मालन की चौड़ाई कम ज्यादा है। लोगों ने प्लेज आदि लगाकर अवैध कब्जे कर लिए हैं। डीएम ने मालन का सीमांकन करने का निर्देश दिया था। एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़ को मालन नदी सफाई अभियान की सुपरविजन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। भकियू के जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार एसडीएम नजीबाबाद ने उन्हें बताया है कि मालन नदी के सीमांकन के लिए राजस्व विभाग की टीम बना दी गई हैं। रविवार 15 अप्रैल से सीमांकन का काम शुरू हो जाएगा।
सीमांकन पूरा होने के बाद होगी सफाई शुरू
बिजनौर । भाकियू के जिला अध्यक्ष के मुताबिक मालन नदी की लंबाई 50 किलोमीटर से अधिक है। मालन नदी बड़िया से निकली है। नजीबाबाद, मंडावर रावली होकर गंगा में मिल जाती है। बड़िया से पूरनपुर तक मालन साफ है। नजीबाबाद शहर का कूड़ा करकट मालन में आने से नदी कई जगह कूड़े से अट गई है। लोगों ने मालन में अवैध कब्जे कर लिए हैं। भाकियू पूरनपुर से मंड़ावर तक का 35 किलोमीटर लंबाई की मालन नदी की सफाई करेगी। मालन नदी के किनारे के 200 गांवों में संपर्क चल रहा है। सीमांकन का काम पूरा होते ही सफाई शुरू हो जाएगी। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार नजीबाबाद ,मंडावर, साहनपुर, जलालाबाद समेत आसपास की नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों की जेसीबी लगेंगी।