नजीबाबाद। फिल्म जुगनू में ऐ मां आज रंग है री... पेश करने वाले आकाशवाणी के टॉप ग्रेड कलाकार जमील अहमद भारतीय संगीत पर पाश्चात्य संगीत हावी होने से आहत हैं। राष्ट्रीय स्तर पर आकाशवाणी संगीत सम्मेलन सहित विदेशों में गजल, गीत, भजन और सूफियाना कलाम में धूम मचाने वाले जमील अहमद गायकी के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय एवार्ड से नवाजे जा चुके हैं।
अमीर खुसरो का कलाम खुसरो रैन सुहाग की जागी पीके संग, तन मोरा पीहू करे दोहू एक ही रंग... के जरिये फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल की फिल्म जुगनू में गाकर धूम मचाने वाले जमील अहमद गजल गायकी में खास पहचान रखते हैं। आकाशवाणी महानिदेशालय दिल्ली से वर्तमान में गजल गायकी में टॉप ग्रेड कलाकार उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी जमील अहमद गजल, गीत, भजन और सूफियाना कलाम से अनेक सम्मान पा चुके हैं। छह वर्ष की उम्र से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत को अपनी जिंदगी में बसाने वाले जमील ने अपनी गजल गायकी की धमक फिल्म इंडस्ट्री और टीवी सीरियलों तक पहुंचाई। आपकी सुनहरे सपने गजल एलबम हर आयु वर्ग के श्रोताओं के दिलों की धड़कन बनी।
जमील अहमद की शास्त्रीय संगीत के प्रति समर्पण भावना और उपलब्धियों ने रामपुर को एक गजल गायक घराने की पहचान दिलाई। जमील अहमद कहते हैं कि हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत पर पाश्चात्य संगीत विधा हावी हो रही है। वेस्टर्न और पंजाबी लुक म्यूजिक की ओर नई पीढ़ी का रुझान दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत विधा को बचाना होगा।
दर्जनों एवार्ड से नवाजे गए जमील अहमद
गजल गायक जमील अहमद को गजल, गीत, भजन और सूफियाना कलाम के लिए अनेक सम्मानों से नवाजा गया। दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री एमएल खुराना और अदर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने सर्वश्रेष्ठ गजल सिंगर अवार्ड, वर्ष 2002 में हरियाणा सरकार ने सूफियाना कलाम और गजल का विशिष्ट सम्मान पुरस्कार, सद्भावना अवार्ड, गजल गायकी के लिए आकाशवाणी महानिदेशालय द्वारा 1995 में ए-ग्रेड श्रेणी और 2000 में टॉप ग्रेड श्रेणी प्रदान की। देश-विदेश में कई अन्य सम्मानों से भी जमील अहमद नवाजे जा चुके हैं।