बिजनौर। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने परिषदीय स्कूलों में ताबड़तोड़ छापे मारे। निरीक्षण में 21 शिक्षक-शिक्षणेत्तर कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। स्कूलों में बच्चों की संख्या कम पाई गई। अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों का एक-एक दिन का वेतन रोक कर जवाब तलब किया जा रहा है।
बीएसए महेश चंद ने जिले के खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों से स्कूलों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था देखने को 100 स्कूलों का निरीक्षण कराया। जिसमें ब्लॉक कोतवाली देहात, किरतपुर, बुढ़नपुर के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूल शामिल किए गए थे। बीएसए ने शुक्रवार को सभी अधिकारियों को बीएसए कार्यालय से अलग-अलग क्षेत्रों में रवाना किया था तथा रिपोर्ट दोपहर तक कार्यालय को देने के निर्देश दिए थे। निरीक्षण की खबर से शिक्षकों में हड़कंप रहा। निरीक्षण के दौरान दो प्रधानाध्यापक, एक सहायक अध्यापक, तीन अनुदेशक, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तथा 14 शिक्षा मित्र अनुपस्थित पाए गए। साथ ही निरीक्षण में स्कूलों में छात्रों की संख्या भी कम पाई गई। जिन स्कूलों में मिड डे मील नहीं बना उनके शिक्षकों को फटकार लगाई गई। बीएसए ने बताया कि अनुपस्थित रहे शिक्षकों, अनुदेशकों व शिक्षामित्रों का एक-एक दिन का वेतन रोक कर जवाब तलब किया जा रहा है।
स्कूलों की पुताई में भी हो रहा खेल
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों की रंगाई पुताई कराने में भी शिक्षा विभाग के अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। कोतवाली देहात के स्कूलों की हालत जर्जर है। गांव गोपीवाला के जूनियर हाई स्कूल की हालत देखकर लगता है कि पिछले कई साल से स्कूल की रंगाई पुताई नहीं हुई है। जबकि हर वर्ष पुताई के लिए धनराशि भेजी जाती है। स्कूल के कक्षों में दरवाजे तक नहीं हैं। जबकि रख रखाव के लिए प्रतिवर्ष सात हजार रुपये तथा पुताई के लिए 10 हजार रुपये भेजे जाते हैं। बीईओ देशराज वत्स का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।