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जिला उपभोक्ता फोरम का आदेश

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बिजनौर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने विद्युत निगम द्वारा एक महिला को चार किलोवाट विद्युत भार के बिल को निरस्त कर दिया है। महिला को तीन किलोवाट भार का विद्युत बिल भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही महिला को क्षतिपूर्ति देने के निर्देश भी दिए हैं।
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राजबाला देवी पत्नी मिश्रीलाल निवासी गांव जलीलपुर ने फोरम में दाखिल परिवाद में कहा था कि उसने अपनी आजीविका चलाने के लिए मसाला चक्की हेतु 30 जुलाई 2005 को तीन किलोवाट का एक कमर्शियल विद्युत कनेक्शन स्वीकृत कराया था। इसके लिए निर्धारित अंकन 2728 रुपये की रसीद भी विद्युत विभाग से प्राप्त की थी। मसाला चक्की के संचालन के लिए उसके द्वारा मौके पर तीन किलोवाट विद्युत भार का ही उपयोग किया गया। इस स्वीकृत बिल के अनुसार 13 मार्च 2014 को उसका बिल 9168 रुपये जमा कर दिया था। लेकिन उसके विद्युत भार को बिना चेक किए विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से तीन किलोवाट के स्थान पर चार किलोवाट विद्युत भार की दर से आठ जुलाई 2016 को 78 हजार रुपये का एक अवैध विद्युत बिल भेजते हुए उसका कनेक्शन विच्छेदित कर दिया गया। बार बार शिकायत करने के बाद भी कनेक्शन दोबारा नहीं जोड़ा गया। इस मामले में विद्युत विभाग द्वारा बताया गया कि राजबाला देवी को चार किलोवाट विद्युत भार का कनेक्शन दिया गया था। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष सुधीर कुमार व सदस्य बबीता देवी ने राजबाला देवी का चार किलोवाट विद्युत भार की दर से भेेजा गया 78 हजार रुपये का बिल निरस्त कर दिया है। विद्युत वितरण खंड चांदपुर के अधिशासी अभियंता व उपखंड अधिकारी को दिए निर्देश में राजाबाला देवी को तीन किलोवाट विद्युत भार से ही 30 दिन के बिल निर्गत करें। बिल जमा करने पर कनेक्शन जोड़ दिया जाए। साथ ही आदेश दिया कि विद्युत विभाग के इस अनाधिकृत कार्य से परिवादिनी को जो असुविधा हुई उसकी प्रतिपूर्ति के रूप में तीन हजार व वाद व्यय में प्रतिपूर्ति के रूप में दो हजार हजार रुपये विद्युत विभाग 30 दिन के अंदर परिवादिनी को अदा करें।
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