कूड़ा निस्तारण संयंत्र को प्राथमिकता दे रहे प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया, जब दो ग्राम प्रधानों ने उनके क्षेत्रों में लेेखपालों द्वारा भूमि की पैमाइश न करने का मुद्दा उठाया। जबकि गत सप्ताह एसडीएम ने स्वयं ग्राम प्रधानों की मौजूदगी में राजस्व कर्मियों से भूमि की पैमाइश कराई थी। एसडीएम ने गलत शिकायत करने पर ग्राम प्रधान से नाराजगी जताई।
मंगलवार दोपहर ड्वाकरा हॉल में संपूर्ण समाधान दिवस में जनशिकायतों की सुनवाई कर रहे एसडीएम एसके सिंह उस समय हतप्रभ रह गए, जब उनके समक्ष दो ग्राम प्रधानों की शिकायत आई। ग्राम पंचायत मुबारकपुर के ग्राम प्रधान मो.जाकिर और कल्हेड़ी के ग्राम प्रधान अमीर हसन द्वारा लैटरहेड पर की गई शिकायत में कहा गया था कि प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण संयत्र स्थापित करने के लिए क्षेत्रीय लेखपालों द्वारा आवश्यक जमीन की पैमाइश नहीं की गई है। एसडीएम ने मामले की जानकारी की तो पता चला कि इस मामले में उन्होंने स्वयं संबंधित क्षेत्रों में पहुंचकर पैमाइश कराई थी। इतना ही नहीं लेखपालों द्वारा पैमाइश करने के दौरान ग्राम प्रधान मौजूद रहे थे।
एसडीएम ने संबंधित ग्राम प्रधानों को बुलवाया। तहसील पहुंचे ग्राम प्रधान मो.जाकिर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जिस जमीन की पैमाइश की गई है, वह तालाब की भूमि है। वहां काफी गहरा गड्ढा है। संयत्र स्थापित करने में काफी खर्च आएगा। इस पर एसडीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशासन तय करेगा कि संयत्र कहां स्थापित होगा, बशर्ते चयनित भूमि विवादित न हो। उन्होंने भूमि की पैमाइश न होने की शिकायत पर ग्राम प्रधान से नाराजगी जताई। उधर, कल्हेड़ी ग्राम प्रधान अमीर हसन से फोन पर संपर्क करने पर उनके द्वारा शिकायत न किए जाने की बात कही गई।
40-40 लाख रुपये से स्थापित होने हैं संयंत्र
नजीबाबाद। मुबारकपुर और कल्हेड़ी में 40-40 लाख रुपये के बजट से कूड़ा निस्तारण संयत्र स्थापित किया जाना है। बीडीओ अनवर शेख ने बताया कि भूमि चयन की जा चुकी थी। ग्राम प्रधानों के स्तर से की जा रही ढील से संयत्र स्थापित करने में लगातार विलंब होने पर बीडीओ ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने मामले से सीडीओ को अवगत कराने की बात कही।