संवाद न्यूज एजेंसीज्ञानपुर। नरक चतुर्दशी और छोटी दीपावली पर कालीन नगरी दीयों की रौशनी से जगमग हो उठी। घरों के मुख्य द्वार, गलियां, चौराहे, तिराहों पर यम के नाम पर दीये जलाए गए। इसके साथ ही दीपावली के पहले ही रंग-बिरंगी रौशनी से पूरा जिला जगमग हो उठा। मकानों, प्रतिष्ठानों, मंदिर एवं कारखानों पर लटके बिजली के झालर तारों के सरीखे टिमटिमा रहे थे।
जिले में शनिवार को यम को प्रसन्न करने के लिए दीपदान किया गया। गृहणियों ने यम के निमित्त घर के मुख्य द्वार के बाहर और व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों के बाहर दीपदान किया। जगह-जगह जले दीपक लोगों को लुभा रहे थे। मान्यता है कि इस संध्या पर दीपदान करने से यम प्रसन्न होते हैं। इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। छोटे-छोटे बच्चे रंग-बिरंगी रोशनी वाली फु लझड़ी छोड़ते नजर आए। मंदिरों में पूजन-अर्चन का सिलसिला भी चलता रहा। नरक चतुदर्शी के अवसर पर मंदिरों में दिनभर पूजन-अर्चन का सिलसिला भी चलता रहा। सुजातपुर निवासी आचार्य शरद पांडेय ने बताया कि छोटी दिवाली को सौंदर्य प्राप्ति और आयु प्राप्ति का दिन भी माना जाता है। इस दिन श्रीकृष्ण की उपासना भी की जाती है, क्योंकि इसी दिन उन्होंने नरकासुर नाम के राक्षस का वध किया था। जिले में भी ज्ञानपुर, भदोही, गोपीगंज, सुरियावां, घोसिया, नईबाजार, खमरिया, जंगीगंज, चौरी, सीतामढ़ी, दुर्गागंज, अभोली, सर्रोई, मोढ़, कौलापुर, ऊंज, वहिदानगर जैसे इलाकों में नरक चतुदर्शी और छोटी दीपावली मनाई गई, लोगाें ने घरों के सामने यम के नाम का दीया जलाया।