ज्ञानपुर। कोरोना महामारी में आक्सीजन सिलेंडर खरीद के मामले में स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। कोरोना की पहली लहर 2020 में खरीदे गए 90 जैंबो सिलेंडर कहां गए यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। सबसे अहम बाद उसका 54 हजार की दर से भुगतान भी किया जा चुका है, जबकि दूसरी लहर में खरीद प्रकरण में भुगतान रोका गया है।
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों को सांस की दरकार हुई तो आनन-फानन में शासन ने सभी जिलों को आक्सीजन सिलेंडर खरीद की अनुमति दे दी। जिले में 135 सिलेंडर का आर्डर दिया गया, जिसमें 91 आए। आप के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने भदोही स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा किया तो फर्म के भुगतान पर रोक लग गई, हालांकि जब पहली लहर 2020 में आक्सीजन की जरूरत नहीं थी तब 54 हजार की दर से खरीदे गए 90 सिलेंडर का भुगतान हो गया। डीएम और सीडीओ जहां इस मामले में कुछ कहने से बच रहे हैं वहीं सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह का कहना है कि विशेष सचिव की ओर से निर्धारित दर पर खरीद की गई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पहली लहर में आक्सीजन की जरूरत नहीं थी तब खरीदे गए आक्सीजन सिलेंडर कहां गए और इतने अधिक दाम किस आधार पर निर्धारित किए गए। शायद ही इसका जवाब किसी के पास होगा।