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अस्पतालों में बने उल्टी-दस्त और पेट दर्द के मरीज

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ज्ञानपुर नगर में गर्मी से बचने के लिए चेहरा ढंककर जाती युवतियां। संवाद - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। तपन भरी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। हल्के बादलों के बीच सोमवार को तापमान में गिरावट नहीं हुई। गर्मी और उमस से अस्पतालों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अकेले महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय के ओपीडी में 650 से मरीज देखे गए, जबकि 65 से अधिक लोग इमरजेंसी में भर्ती कराए गए।
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होली के बाद से शुरू हुई गर्मी से राहत नहीं मिल रही। अप्रैल और मई में गर्मी का मिजाज और चढ़ गया है। सोमवार को सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन तापमान में उसका कोई खास असर नहीं दिखा। अधिकतम तापमान 44 डिग्री जबकि न्यूनतम 28.8 रहा। न्यूनतम तापमान डेढ़ डिग्री बढ़ गया। हल्के बादलों संग निकल रही धूप के कारण लोग चेहरा आदि ढंककर ही बाहर निकले। गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। अस्पतालों की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज डिहाइड्रेशन से लेकर उल्टी, सिरदर्द, तेज बुखार, पेट दर्द, डायरिया की परेशानी लेकर पहुंच रहे हैं। ओपीडी में ऐसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सोमवार को जिला अस्पताल की कुल ओपीडी की संख्या 650 के करीब पहुंच गई, जो 500 के करीब रहती थी। इसमें डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या 350 रही। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि गर्मी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में 20 से 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस बार गर्मी भी जल्दी शुरू हो गई थी, जिस कारण यह वृद्धि दिख रही है। डिहाइड्रेशन की समस्या वाले मरीज इमरजेंसी में भी सामने आए हैं। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के असंतुलित होने पर दस्त और रक्तचाप के कम होने की समस्या मरीजों में देखने को मिल रही है। इनमें ज्यादातर ऐसे मरीज हैं, जो दिनभर बाहर धूप में रहकर काम करते हैं। कार्य स्थल तक पहुंचने के लिए गर्मी में पैदल चलते हैं। ऐसे लोगों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलता है।
बच्चों पर दें विशेष ध्यान
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. माधो बरनवाल ने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस बार गर्मी ज्यादा पड़ने से उल्टी, दस्त के साथ पेट दर्द के बच्चों की संख्या बढ़ी है। बच्चों को हर आधे घंटे में पानी पिलाएं। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक घर से बाहर न जाने दें। पानी वाले फल का सेवन कराएं। बाहर की चीजों को न खिलाएं। बच्चों को ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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गर्मी के मौसम में बासी खाना खाने से बचें लोग
ज्ञानपुर। सीएचसी सुरियावां के अधीक्षक डॉ. आरबी पाठक ने बताया कि गर्मी के मौसम में मसालेदार खाना न खाएं। साथ ही तला हुआ खाना भी खाने से बचना चाहिए। कैफीन वाली चीजों का सेवन न करें। इससे डिहाइड्रेशन बढ़ता है। चाय और कॉफी का इस्तेमाल गर्मियों में करने से बचना चाहिए। गर्मी के मौसम में बासी खाना खाने से फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है। इसलिए ऐसा खाना खाने से बचें। गर्मियों में आइसक्रीम खाने से लोगों को बचना चाहिए। आइसक्रीम की तासीर ठंडी की जगह गर्म होती है, जो शरीर को ठंडा करने की जगह पर गर्म करती है।
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