दुर्गागंज। अभोली विकास खंड के सागरपुर गांव स्थित एक तालाब से अतिक्रमण न हटने पर ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि तालाब पर हुए अतिक्रमण की भूमि को हाईकोर्ट प्रयागराज ने तालाब खाते में दर्ज करने का आदेश दिया है और राजस्व विभाग ने दर्ज भी कर लिया है। बावजूद इसके मनबढ़ किस्म के लोग तालाब की जमीन को समतलीकरण कराकर खेती कर रहे हैं।
गत सितंबर में लगे मत्स्य पट्टा शिविर के लिए कुछ लोगों ने आवेदन भी किया था और जमानत राशि जमा कर दी, लेकिन तालाब को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय नहीं हुआ। अतिक्रमणकारी यह कहकर राजस्व विभाग और तहसील अधिकारियों को वापस कर रहे हैं कि उस पर मंडलायुक्त का स्थगन आदेश है। सवाल यह है कि जब 20 वर्ष पहले हाईकोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन खतौनी में तालाब दर्ज करा चुका है तो मंडलायुक्त का क्या मतलब। प्रदर्शन करने वालों में हुबलाल बिंद, श्यामसुंदर बिंद, श्यामाचरण बिंद, विनोद कुमार पासी, शीला देवी आदि रहे। तहसीलदार देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रकरण की फाइल मंडलायुक्त तन पहुंची है। जैसे ही कोई निर्णय होगा अतिक्रमण हटाया जाएगा।