लालानगर। एक माह से लो वोल्टेज की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने लालानगर उपकेंद्र पर हंगामा किया। अवर अभियंता का घेराव कर चार घंटे तक फीडरों को बंद करा दिया। सूचना मिलने पर एसडीओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाबुझाकर मामले को शांत कराया।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक माह से कोइलरा फीडर से जुड़े गांवों में लो वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं। इसकी शिकायत करने के बाद भी विभागीय अधिकारी कर्मचारी टालमटोल करते आ रहे हैं। नियमित रूप से बिजली न मिलने के कारण किसानों को सिंचाई करना तो दूर आम उपभोक्ताओं को समुचित प्रकाश के लिए तरसना पड़ रहा है। टीवी, फ्रिज, इन्वर्टर, कूलर, मोबाइल आदि विद्युत उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। अनुरक्षण कार्य में लगी बेसिल कंपनी के अधीन कार्यरत निजी लाइनमैन कालीन कंपनियों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं। आम उपभोक्ताओं की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
तकनीकी खराबी को दूर करने के नाम पर सुबह से शाम तक अघोषित कटौती भी लोगों के लिए नासूर बन चुकी है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी कोई रोस्टर निर्धारित नहीं है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। जेई अभिषेक प्रजापति ने कहा कि कोइलरा फीडर का क्षेत्र लंबा होने के कारण समस्या बढ़ी है। यदि विभाग नए तारों की व्यवस्था कर दे तो बात बन सकती है। मौके पर पहुंचे एसडीओ अवधेश पाल ने फीडर को तीन सर्किलों में बांट कर समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में प्रधान सतीश पाठक, विश्वनाथ संजय सिंह, भूपेंद्र मिश्रा, स्वतंत्र मिश्रा, हेमंत पांडेय, अजय मिश्रा, स्वामी मंगल, साकेत पांडेय, अनूप तिवारी, चंदू शर्मा, संदीप मिश्रा, प्रदीप, सुनील सिंह, रामजी, बब्बू सिंह, अभिनंदन मिश्रा, लक्ष्मण यादव समेत भवानीपुर, माधोरामपुर, जगरनाथपुर, अमवां, बंजारीचक, रैपुरी, ककराही, झम्मनपुर, सुमेरीपट्टी, डेरवां, चकनिरंजन, पूरेप्रसाद, पूरेरजा, अमिलौर, गुलौरी आदि गांवों के ग्रामीण रहे।
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