प्रभुनाथपाल के अनुसार, वह तहसील भी गए और जमा पूंजी तीन हजार देकर चले आए, लेकिन लेखपाल तब भी नहीं माने और मौके पर आकर बारजा निर्माण के लिए लगे शटरिंग को गिरवा दिए थे। थक हारकर लेखपाल को घूस देने के लिए बुधवार को सुबह प्रभुनाथ आभूषण लेकर बेचने के लिए निकल रहे थे, तभी इसकी जानकारी हो जाने पर उनकी पत्नी बेहोश हो गईं।
निजी अस्पताल लेकर गए तो मौत हो चुकी थी। इस मामले में कोतवाली प्रभारी गगनराज सिंह ने कहा कि उनके पास पीड़ित की तरफ से ऐसी कोई शिकायत नहीं की गई है। शव का पोस्टमार्टम करा लिया गया है। यदि कोई शिकायत आती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम भदोही अश्वनी पांडेय का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए तहसीलदार को निर्देश दिया गया है। हालांकि अभी तक की जांच में पता चला है कि वृद्धा की मौत ठंड लगने से हुई है। उन्होंने ठंड से मौत होने की आशंका जताई।