अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट श्रीमती मधु डोंगरा की अदालत ने पॉक्सो के दोषी उमेश कुमार सरोज निवासी भिदुना-मीरगंज जौनपुर को तीन वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा बुधवार को सुनाया है।
ऊंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने 2019 में वाद दाखिल कर आरोप लगाया था कि उमेश कुमार सरोज से अहमदाबाद में रहने दौरान परिचय हुआ था जिसका आना-जाना घर पर भी लगा रहता था। उसी दौरान नाबालिग पुत्री को शादी का झांसा देकर भगा ले जाया गया। पुलिस से शिकायत करने पर उमेश कुमार सरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामला कोर्ट में भेज दिया। दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट की अदालत ने उमेश कुमार सरोज को दोष सिद्ध पाते हुए तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये से अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की अदायगी न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। वादी की ओर से शासकीय अधिवक्ता डॉ. अश्विनी कुमार मिश्र ने बहस की।