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पीसीएफ के केंद्रो पर किसानों का तीन करोड़ फंसा

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ज्ञानपुर। धान बेचकर किसान क्रय केंद्रों और विभागों का चक्कर लगा रहे हैं। उनका करोड़ों रुपये 14 पीसीएफ के क्रय एजेंसियों पर बकाया है। तकरीबन 250 से 300 किसानों का तीन करोड़ रुपये बकाया है। इससे किसान धान बेचने के बाद आगे की खेती के लिए पैसे के लिए परेशान हैं। उनका कहना है कि खाद-पानी का जुगाड़ करना है, लेकिन विभाग इस समस्या को समझ नहीं पा रहा है। इससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उनकी उपज का समय पर भुगतान करने के दिशा-निर्देश भले दे दिए हों, लेकिन हाल यह है कि धान क्रय केंद्रों पर बेचने के बाद भी उनका भुगतान अब तक नहीं हुआ है। जिले में करीब 300 ऐसे किसान हैं, जिनका तीन करोड़ रुपये का भुगतान फंस गया है। अब वे भुगतान के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों का चक्कर काट रहे हैं। जिले में धान धरीद के लिए 42 क्रय केंद्र खोले गए थे। जहां 7900 किसानों से 89 हजार 313 एमटी धान की खरीद हुई है। भुगतान करने में विपणन शाखा पहले स्थान पर है। वहीं पीसीएफ की हालत सबसे खराब है। 42 केंद्रो में विपणन समेत अन्य एजेंसियों की ओर से किसानों को समय से भुगतान हो रहा है, लेकिन पीसीएफ ने 300 किसानों का तीन करोड़ का भुगतान नहीं कर सका है। जिससे किसान केंद्र से लेकर सरकारी दफ्तर का चक्का लगा रहे हैं।
इनसेट
किसने कितना खरीदा
एजेंसी किसान मात्रा (एमटी में)
खाद्य विभाग 3300 29269
पीसीएफ 357 13838
एनसीसीएफ 1170 20598
नैफेड 840 13088
ओम कालेश्वर फर्म 501 4646
एसएसएस प्रो लि. 612 5640
एफसीआई 91 418
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धान बेचने वाले किसानों के खाते में पैसे भेजे जा रहे है। केवल पीसीएफ की ओर से भुगतान में देरी की गई है। पीसीएफ प्रबंधक को भी जल्द से जल्द किसानों के खाते में पैसा भेजने का निर्देश दिया गया है। पीसीएफ में आनलाइन व्यवस्था की जा रही है। बाकी एजेंसियों की ओर से शत प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है।
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श्याम कुमार मिश्रा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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