मुख्य नहर समेत पांच राजवाहा और 16 माइनरों पर जर्जर होकर आवागमन के समय खतरे की घंटी बने 90 पुलों की स्थिति जल्द ही सुधरने वाली है। नहर विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर नए वित्तीय वर्ष में धनराशि मिलने की उम्मीद है। यहां दस करोड़ रुपये से पुलों का नया निर्माण कराने का प्रस्ताव है।
भदोही जिले से सटे मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज व जौनपुर जिले की सीमा तक लगभग पांच हजार किलोमीटर के परिक्षेत्र में किसानों की सिंचाई का मुख्य संसाधन साबित हो रहे मुख्य नहर, राजवाहा और माइनर की देखरेख नहर विभाग करता है। तहसील औराई, भदोही, ज्ञानपुर अंतर्गत ब्लाक डीघ, औराई, भदोही, सुरियावां, अभोली, ज्ञानपुर सदर के नगरीय, ग्रामीण क्षेत्रों का जुड़ाव मुख्य नहर, राजवाहा, माइनर पर दशक पूर्व बने लगभग 500 पुलों से होता है। इसमें 90 पुलों पर न रेलिंग हैं न तो ठीक से पुलिया। इन पुलों से आवागमन करने के दौरान कई लोग घायल भी हो चुके हैं। जब कोई घटना होती है तो ग्रामीण पुलिया मरम्मत और रेलिंग का काम कराने के लिए शिकायत की जाती है। तब विभाग शीघ्र बनवाने का आश्वासन ही देता है। अब विभाग ने जर्जर पुलों का सर्वे कराकर 10 करोड़ रुपये का इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो विधानसभा चुनाव के कारण बजट का प्रावधान नहीं हो सका। अधिशासी अभियंता नहर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि अप्रैल में बजट मिलने पर पुलों का नवनिर्माण शुरू होगा।
पुलों का नवनिर्माण होने से दूर होगी चिंता
दुर्गागंज-भदोही राजवाहा पर वारी-दुर्गागंज से प्रतिदिन एक-दूसरे जिले की सीमा में प्रवेश करने के लिए लोगों का आवागमन दिन-रात लगा रहता है। रामबाबू दुबे, दारा बिंद शैलेश गौतम, आशीष कुमार, संदीप कुमार ने बताया कि राजवाहा के पुल की रेलिंग तीन वर्ष पहले जर्जर होकर गिर चुकी है। दोनों वाहनों के ओवरटेक करते समय राजवाहा में गिरने की चिंता रहती है। आवागमन करने में लोग घबराते हैं। यहीं स्थिति मुख्य नहर के धीरपुर-बैदा, चकलोका, गांधी, गोधना, वहिदानगर, राजवाहा सीखड़, रोही, भगवानपुर में एक-दूसरे गांवों को पहुंचने के लिए ग्रामीण भयभीत रहते हैं। डीघ के बेरवां माइनर पर बने पुलों की हालत भी दयनीय हो चुकी है।