ज्ञानपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने शनिवार को आपूर्ति विभाग को पत्र भेजकर सख्त निर्देश दिया है। उन्होनें ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत एसी, चार चक्का वाहन, हारर्वेस्टर, आयकर दाता, पांच केवीए का जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक सिंचित जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस, वार्षिक आय दो लाख से अधिक होने की स्थिति में राशन कार्डों को सरेंडर कराने का निर्देश दिया है। शहरी क्षेत्र के कार्डधारकों को सौ वर्ग मीटर या अधिक स्वअर्जित आवासीय प्लाट, स्वनिर्मित मकान, सौ वर्ग मीटर व्यवसायिक भूभाग, वार्षिक आय की सीमा तीन लाख से अधिक होने की स्थिति में कार्ड सरेंडर करना पड़ेगा।
डीएसओ सीमा सिंह ने बताया कि सत्र 2021 में हुई सख्ती पर लगभग सात हजार कार्डधारकों को चिह्नित कराया गया था। बावजूद इसके अधिकतर लोगों ने न कार्ड सरेंडर किया न ब्लाक और निकाय दफ्तरों से अपात्रता की सूची आ सकी। सौ से अधिक अंत्योदय कार्ड सरकारी कर्मचारियों के नाम मिले थे। वर्तमान समय में पात्र गृहस्थी, अंत्योदय कार्डधारकों की कुल संख्या सवा तीन लाख है। जांच के समय शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपात्रता सामने आने पर कार्रवाई के लिए राशनकार्ड धारक जिम्मेदार होंगे।