नवधन में राजमार्ग पर सुबह 7 बजे छाया रहा कोहरा।
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ज्ञानपुर। ठंड और गलन के बीच कोहरे के गुबार ने जिंदगी की रफ्तार धीमी कर दी है। शनिवार को सुबह कालीन नगरी में कोहरे की मोटी चादर तनी रही। इससे सड़क से लेकर ट्रेन यातायात तक प्रभावित हुआ। दिन में भी वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। हालांकि सूर्योदय के कुछ देर बाद धूप खिलने लगी थी।
शनिवार को सुबह हुई तो कोहरे का गुबार धुंध की शक्ल में चारों ओर फैला था। थोड़ी ही देर में सर्द हवाओं ने पारा लुढ़का दिया। इससे गलन में जनजीवन ठिठुर गया। आठ से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं सर्द हवाओं ने कंपकंपी छुड़ा दी। कोहरे का असर यातायात पर भी पड़ा। जहां कई ट्रेनें अपने नियत समय से विलंबित चलीं, वहीं सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया। वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग पर दिन निकलने तक कई वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। तमाम बड़े वाहन चालकों ने अपने वाहन को हाईवे पर किनारे खड़ा कर दिया और कोहरा छंटने का इंतजार करते नजर आए। गोपीगंज से वाराणसी की जो दूरी सामान्य दिनों में डेढ़ से दो घंटे में तय होती है, उसे तय करने में सुबह तीन घंटे से अधिक का समय लगा। इस दौरान ठंड भी बढ़ी रही।
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्शियस रिकॉर्ड किया गया। धूप खिलने के कारण नौ बजे तक सड़कों पर आवागमन सामान्य हो गया। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने कहा कि आने वाले तीन-चार दिनों तक मौसम की तासीर बदली रहेगी। आसमान में बदली छाए रहने के आसार हैं। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। इस दौरान तापमान में भी उतार-चढ़ाव होने की उम्मीद है।