ज्ञानपुर। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणी को लेकर सपा मुखर हो गई है। शनिवार को पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी की। गृहमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। जोरईं के सीएमओ कार्यालय के पास शनिवार को एकत्रित हुए सपा कार्यकर्ता हाथों में बाबा साहब की फोटो लेकर नारेबाजी करते हुए पैदल कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे। सपा के विरोध-प्रदर्शन को लेकर सीओ प्रभात राय, प्रभारी निरीक्षक अरुण दूबे मय फोर्स के साथ कलेक्ट्रेट पर तैनात रहे।
जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने कहा कि संसद में गृहमंत्री अमित शाह की ओर से भारतीय संविधान निर्माता करोड़ों दलितों, पिछड़ों वंचितों के भारत रत्न बाबा साहब डाॅ. भीमराव आंबेडकर जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। जिससे देश व प्रदेश में दलित, पिछड़ों एवं वंचित समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है।
गृहमंत्री की इस टिप्पणी से दलित, पिछड़ों के प्रति भाजपा की संविधान विरोधी मानसिकता प्रकट होती है। समाजवादी पार्टी का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र और संविधान को मजबूत बनाना है, जिससे दलित, पिछड़ें समाज के जीवन में खुशहाली आए।
सपा जनों ने गृह मंत्री से माफी मांगने, मंत्रिमंडल से हटाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर जिला महासचिव ह्रदय नारायण प्रजापति, पूर्व मंत्री रामकिशोर, आरिफ, शोभनाथ आदि रहे।
विरोध करने वालों में कल्लन यादव, डॉ. निम्बू लाल यादव, प्रदीप वियोगी, लालचंद बिंद, कमला महतो, रामयज्ञ पाल, सुधीर गौतम, कामिल अंसारी, राजन यादव, धर्मेंद्र कुमार मिश्र पप्पू आदि लोग उपस्थित रहे।