महराजगंज। औराई कोतवाली के चेरापुर गांव में पिता ने अपने बेटे पर लाइसेंसी असलहे से फायरिंग कर दी। इसमें घायल बेटे तनंजय दुबे की शनिवार को वाराणसी के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की जानकारी होते ही पुलिस ने पिता कैलाश दुबे को घर से गिरफ्तार कर लिया और उसका असलहा जब्त कर ली। कैलाश को पकड़ने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी, परिजनों ने दरवाजा बंद कर लिया। पुलिस ने दरवाजा तोड़ कर उसे गिरफ्तार किया। तनंजय अपनी बेटी की शादी के लिए तीन साल बाद मुंबई से लौटा था। घटना 20 मई की बताई जा रही है। परिवार के लोगों ने इसे दबाए रखा।
चेरापुर गांव निवासी तनंजय दुबे (42) तीन साल से मुंबई रहते थे। बीते 17 मई को बेटी चांदनी की शादी थी। इसके लिए वे तीन साल बाद घर लौटे थे। पिता कैलाश दुबे के पास लाइसेंसी असलहा था। बताया जा रहा है कि वे काफी मनबढ़ किस्म के थे। शादी सकुशल बीतने के बाद 20 मई को तनंजय दरवाजे पर बैठे थे। इस बीच पिता के साथ बहस हो गई। बहस के दौरान आवेश में आए पिता कैलाश दुबे ने फायरिंग कर दी। कैलाश ने तीन फायरिंग की। एक गोली हवा में चलाई, दूसरी गोली मिस हो गई और तीसरी गोली तनंजय के एक जंघे को चीरती हुई, दूसरी जंघे में जा फंसी। घटना के बाद घबराए परिजन तनंजय को लेकर वाराणसी के अखरी बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। शनिवार की भोर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद स्थानीय पुलिस ने मृतक के पिता को गांव से गिरफ्तार कर लिया। वहीं रायफल भी जब्त कर ली। उधर जानकारी होते ही अखरी पुलिस ने अस्पताल से ही मृतक के शव को कब्जे में ले लिया।
दरवाजा तोड़कर आरोपी को पकड़ा
तनंजय की मौत की सूचना मिलने के बाद औराई कोतवाली और क्राइम ब्रांच की टीम गांव पहुंची। बताया जा रहा है कि पुलिस को देखते ही परिजनों ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा न खोलने पर दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और गिरफ्तार कर थाने ले आई। तनंजय को एक बेटा और एक बेटी है। तनंजय तीन भाई थे। इसमें एक भाई मनोज दूबे की मौत पहले ही हो चुकी है। वहीं तीसरे नंबर का भाई सनोज दुबे हैं।
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एडमिट होते ही अखरी पुलिस को अस्पताल प्रबंधन ने दी थी सूचना
तनंजय को गोली लगने के बाद परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर गए थे। बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन ने एडमिट करते समय ही अखरी पुलिस चौकी को जानकारी दी थी। इसके बाद मौत होने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने स्थानीय चौकी को सूचना दी थी। अब सवाल खड़ा हो रहा है कि उस समय स्थानीय पुलिस को सूचना क्यों नहीं मिली। अगर मिली तो फिर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पीड़ित के मौत होने तक का इंतजार क्यों किया गया?
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वर्जन
सूचना के मिलने के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया है। औराई कोतवाली, क्राइम ब्रांच और फारेंसिंक टीम जांच कर रही है। असलहा जब्त कर लिया गया है। परिजन तहरीर देते हैं तो ठीक, नहीं पुलिस आरोपी पर हत्या का मुकदमा दर्ज करेगी।
- अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक।