ज्ञानपुर। बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने, मां को स्वस्थ रखने के लिए सरकार योजनाएं चला रही है। इसी योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, किशोरियों व बच्चों को पोषाहार दिया जाता है, लेकिन जिले में वितरण की स्थिति खराब है। दिसंबर के बाद अभी पोषाहार वितरण नहीं हुआ है। जनवरी महीने का पोषाहार मई में बांटने की तैयारी चल रही है। समय पर वितरण न होने के कारण लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 1492 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों पर पंजीकृत गर्भवती, धात्री महिलाओं, किशोरियों की संख्या 20236 है। इनको प्रति माह दलिया, दाल, तेल का वितरण कराया जाता है। सामान की पूर्ति सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख संस्था संभालती है। प्रति माह मिलने वाले पुष्टाहार की पूर्ति समय से न होने के कारण वितरण आगे-पीछे होता रहता है। यही कारण है कि लाभार्थियों के अभिभावक आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात कर्मचारियों पर आरोप-प्रत्यारोप करते हैं। बावजूद इसके इसमें सुधार नहीं हो पाता। समय से पूर्ति न होने के कारण डीघ टौर अभोली ब्लाक में दिसंबर का वितरण हुआ है। जनवरी का वितरण अभी तक ज्ञानपुर, सुरियावां ब्लाक क्षेत्रों में कराया जा रहा है। फरवरी से अप्रैल तक का पोषाहार, जब आएगा तभी वितरण होगा।
लाभार्थियों को समय से पोषाहार मिले इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है। जो संस्था आपूर्ति करती है वह समय से नहीं कर पा रही है इस वजह से दिक्कत हो रही है। यदि समय से पूर्ति हो तो समय से वितरण भी होगा। - मंजू वर्मा, प्रभारी डीपीओ