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कस्तूरबा विद्यालयों के विस्तार की रफ्तार सुस्त

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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में गरीब बेटियों को 12वीं तक की पढ़ाई के लिए अभी इंतजार करना होगा। कार्यदायी संस्था की उदासीनता के कारण निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। इससे जुलाई 2022 तक छात्रावास और विद्यालय भवन का निर्माण कार्य पूरा हो पाने की संभावना क्षीण होती जा रही है।
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पांचवीं तक पढ़ाई कर किन्हीं कारणों से शिक्षा से वंचित गरीब बेटियों को शिक्षित करने के लिए जिले के पांच ब्लॉकों ज्ञानपुर, भदोही, डीघ, सुरियावां, औराई में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित हैं। छात्राओं को इंटरमीडिएट तक की शिक्षा देने के लिए वर्ष 2020-21 में सरकार ने ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां व डीघ ब्लॉक के कस्तूरबा विद्यालयों को अपग्रेड करने का निर्णय लिया। इसमें ज्ञानपुर, भदोही और सुरियावां को तीन करोड़ 15 लाख 76 हजार रुपये की दर से नौ करोड़ 45 लाख और डीघ ब्लॉक स्थित विद्यालय को अपग्रेड करने के लिए एक करोड़ 77 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की प्रयागराज यूनिट को काम सौंपा गया। करीब दो साल से अधिक समय बीत गए, लेकिन अब तक भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। धीमी गति से निर्माण के कारण तय समय से कक्षाओं का संचालन मुश्किल दिख रहा है। सभी विद्यालय भवनों और छात्रावासों का निर्माण कार्य जुलाई 2022 में पूर्ण होना है। लेकिन जिस गति से काम चल रहा है, उससे तय समय पर काम पूरा हो पाने की संभावना क्षीण होती जा रही है। जिला समन्वयक बालिका धीरज सिंह का कहना है कि कार्यदायी संस्था को काम में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया है। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह का कहना है कि लंबित परियोजनाओं की जिलाधिकारी खुद मानीटरिंग कर रही हैं। कोरोना संक्रमण काल में काम पूरा होने में देर हो सकती है, लेकिन कार्यदायी संस्था को काम समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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