ज्ञानपुर। न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गनारायण सिंह की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के दोषी पिता-पुत्र को सात-सात साल सश्रम कारावास एवं 15-15 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। दो साल पूर्व कोइरौना के बनकट उपरवार गांव में हुई घटना में कोर्ट ने निर्णय सुनाया।
अभियोजन के मुताबिक राम बहादुर पुत्र विश्वनाथ ग्राम बनकट उपरवार ने कोइरौना थाने में तहरीर दिया कि 20 फरवरी 2022 को संतोष भारतीय पुत्र मुन्नीलाल जो मेरे पटीदार हैं। जमीनी विवाद को लेकर मेरे भाई विनोद भारतीय 45 पुत्र विश्वनाथ को संतोष भारतीय एवं उनका लड़का रामपूजन लाठी-डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया। जिसको हम लोग उपचार के लिए डीघ सीएचसी लेकर गए। जहां से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल जाते समय विनोद की मौत हो गई। पुलिस ने पिता-पुत्र पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। अभियोजन एवं वादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत किया। दोनो पक्ष के बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने पिता-पुत्र को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी पाया। दोनों को सात-सात साल सश्रम कारावास एवं 15-15 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। आदेश में यह भी कहा कि अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि 30 हजार में 20 हजार रूपये विनोद की पत्नी विधवा बुनेला को देने का भी आदेश दिया। अभियोजन पक्ष से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दिनेश पांडेय ने किया।