25 दिनों के ग्रीष्मावकाश के बाद बृहस्पतिवार को परिषदीय स्कूल खुल गए। पहले दिन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही। अधिकतर स्कूलों में सफाई और परिचय में पहला दिन गुजरा। गिने-चुने स्कूलों में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों की क्लास ली। अवकाश के बाद बच्चों में स्कूल आने को लेकर उत्साह दिखा। स्कूलों में एमडीएम बना और बच्चों ने खाया भी। वहीं अधिकारियों ने स्कूलों का जायजा लिया।
प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 20 मई को प्रमाणपत्र वितरण के बाद ग्रीष्मावकाश घोषित हो गया था। बच्चे शादी विवाह, ननिहाल संग अन्य रिश्तेदारी में घूमने लगे तो शिक्षक भी देश के अलग-अलग हिस्सो में टूर पर निकल गए। करीब 25 दिनों का अवकाश खत्म होने पर बृहस्पतिवार को स्कूल खुल गए। मुख्यालय से सटे स्कूलों में शिक्षक तो करीब-करीब सभी पहुंच गए, लेकिन डीघ, सुरियावां, चौरी, अभोली के सीमावर्ती स्कूलों में शिक्षक भी पांच से आठ के स्थान पर दो से चार ही पहुंचे। बच्चों की उपस्थिति भी कम रही।
ज्ञानपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पंजीकृत 125 बच्चों में करीब 40 पहुंचे। कंपोजिट विद्यालय जोरईं में भी पहले दिन उपस्थिति ठीक रही। अभोली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय हिम्मतपुर में नामांकित 108 बच्चों में मात्र पांच ही आए। प्रधानाध्यापक प्रमोद यादव ने बताया स्कूल का पहला दिन था, उपस्थिति जल्द ही सुधरेगी। कंपोजित विद्यालय गोपलहां में मात्र 10 बच्चे ही पहुंचे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय अनेगपुर में पंजीकृत 105 बच्चो में 15 ही आए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय रोटहां में पंजीकृत 140 में 20, प्राथमकि विद्यालय में पंजीकृत 201 में 25 बच्चे ही आए। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय ऊंज, नवधन, सीकीचौरा, कुरमैचा में भी बच्चों की उपस्थिति कम रही।
खेलकूद व अन्य गतिविधियों में बीता समय
पहले दिन जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो ज्यादातर बच्चों का समय खेलकूद में ही बीता। कुछ स्कूलों में शिक्षण कार्य भी हुआ। कई बच्चे खेलकूद के बाद घर चले गए। प्रभारी बीएसए रमाकांत सिंह ने कहा कि उगापुर, अकेलवां विद्यालय का निरीक्षण किया। जहां सभी शिक्षक मौजूद रहे, हालांकि बच्चों की संख्या कम रही। उन्होंने कहा कि दो से चार दिन में बच्चों की संख्या बेहतर हो जाएगी।