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अनुपस्थित मिले शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति

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सीतामढ़ी। कोनिया के सुदूरवर्ती गावों के प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित है। ऐसा एक मामला कलिक मवैया गांव में उजागर हुआ, प्राथमिक विद्यालय कलिक मवैया से एक शिक्षक बिना सूचना के बीते एक माह से नदारत है। प्रधान बिंदू दूबे की शिकायत पर खंड शिक्षाधिकारी डीघ फराह रईस बृहस्पतिवार को स्कूल पहुंच, शिकायतों की जांच किए।
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जांच में पाया गया कि विद्यालय पर तैनात एक शिक्षक बीते एक माह से बिना सूचना के गायब है। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक के विरुद्घ विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति कर उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा। बताते चले जिले के सीमावर्ती गावों में मौजूद स्कूलोें में अधिकांश की भी दशा ऐसी ही है। इन पर पर न तो अधिकारियों की निगाह पहुंचती है और ना ही कभी कोई जांच करने पहुंचा। जिसके चलते अधिकांश स्कूलों पर शिक्षकों की मनमानी चलती है, यहां शिक्षक महिने में एकाध बार विद्यालय आते है। इस दिन माह भर की उपस्थिति पंजीकरण में दर्ज कर गायब हो जाते हैं। इसके अलावा कई स्कूलों में तो मध्यान भोजन, फल तथा दूध वितरण में भी मनमानी की जाती है। कुछ ऐसे भी शिक्षक हैं जिनकी ऊंची पहुंच के आगे विभाग के अधिकारी लाचार नजर आते हैं। ऐसा ही मामला डीग विकास खंड के कोनिया के प्राथमिक विद्यालय कलिक मवैया में सामने आया है। यहां शिक्षक का हस्ताक्षर 21 सितंबर तक अपडेट था, इसके बाद न तो शिक्षक आए और नाही उपस्थित पंजिका पर हस्ताक्षर किए। प्रधान पति हृदय नारायण दुबे ने कहा यह जांच का विषय है कि विनोद सिंह नामक शिक्षक महीने में कभी-कभार स्कूल आते है, तो उसकी हाजिरी रजिस्टर में कैसे अंकित हो जाती है।
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