पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से आम जन से लेकर किसानों तक की परेशानी कम नहीं हो रही है। शनिवार को देर रात से भोर तक तेज हवा संग बारिश से गलन और बढ़ गई। इससे लोगों को ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ा। बारिश और हवा से दलहनी-तिलहनी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। रविवार को सुबह धूप निकली, लेकिन इसके बाद दोपहर से शाम तक आसमान में बादल छाए रहे।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी व पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते जनवरी की शुरूआत से ही मौसम बिगड़ा हुआ है। लुढ़के तापमान से ठंड और गलन लोगों को सता रही है। शनिवार को दिन भर बूंदाबांदी हुई और रात में हवा संग बारिश शुरू हो गई जो भोर तक होती रही। इससे शहर व ग्रामीण इलाकों की सड़कें कीचड़ से सन गईं। बादल रहने से तापमान में बढ़ोत्तरी जरूर हुई, लेकिन हवा के कारण गलन कायम रही। मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल, बारिश और कोहरा दिख रहा है। उन्होंने बताया कि 25 जनवरी से हवा पछुआ में बदलने की उम्मीद है। इसके बाद शुष्क मौसम और तापमान में कमी से गलन में वृद्धि देखी जाएगी। उन्होंने बताया कि बारिश से फसल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। गेहूं की फसल को लाभ मिला है, लेकिन दलहनी व तिलहनी फसलों को बारिश से नुकसान हो सकता है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि तेज हवा से सरसों की फसल गिर गई है। इससे पैदावार प्रभावित हो सकती है।