लगभग 15 दिनों से मोटर के अभाव में बंद पड़ी ग्रामीण समूह पेयजल योजना विरोध-प्रदर्शन के बाद भी नहीं चालू हुई। सोमवार की सुबह कोइरौना बाजार में एकजुट भावापुर, प्रताशाहपुर, मदनपुर, गोलखराब, मझगवां, मानशाहपुर, बनकट के ग्रामीणों ने जलनिगम के खिलाफ नारेबाजी किया था और उच्चाधिकारियों ने देर शाम मोटर को बदलवाकर पेयजलापूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया था।
पेयजल योजना का लाभ लगभग 20 वर्ष लेने वाले ग्रामीण अजीत यादव ने बताया कि योजना रखरखाव न होने के कारण बंद हो जाती है। शिकायत करने पर ऑपरेटर भी हाथ दबाकर बैठे रहते हैं और पूरे माह का राजस्व जमा करने वालों को बूंद-बूंद पानी के लिए राह देखनी पड़ती है। बब्बन मिश्रा ने कहा कि लगभग 10 गांवों की पेयजलापूर्ति के लिए दो मोटर लगाई गई है। जिसकी एक मोटर कहां है विभाग के कर्मचारी नहीं बता सकते। मंगलवार को जब पेयजलापूर्ति न होने का कारण पता करने पहुंचे तो पता चला कि वोल्टेज कम मिलने से एकमात्र मोटर दो दिन के बाद नहीं चल पाती और जली रहती है। विरोध-प्रदर्शन पर अधिकारियों ने मोटर को बदलवाने का भरोसा दिया जिसका कोई असर नहीं है। परिसर में खोलकर रखी पाइप इस बात की आशंका बढ़ा रही है कि अभी 15 दिन और पानी मिलना दूर की बात होगी। अधिशासी अभियंता जलनिगम मुजिब अहमद ने बताया कि मोटर बदलने का आदेश दे दिया गया है। विभाग में तकनीकी कर्मचारियों की कमी पूरी होने पर त्वरित समाधान कराया जा सकता है।