ज्ञानपुर। सावन में शिवभक्त कांवड़ लेकर गंगाजल लेने के लिए प्रयागराज के संगम जाएंगे और वहां से जल लेकर शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे। जिले के तीन प्रमुख शिवालयों तक पहुंचने वाले मार्गों की हालत खस्ता है। सड़कों पर अनगिनत गड्ढे शिवभक्तों की परीक्षा लेने के लिए तैयार हैं। बारिश के बाद हुए जलभराव से भी उन्हें जूझना पड़ेगा। बृहस्पतिवार को हमारी टीम ने शिवालयों तक जाने वाले मार्गों की पड़ताल की तो दावों की पोल खुलती नजर आई। तीन प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले मार्ग खराब मिले। अगले 10 से 12 दिनों में यदि इनकी मरम्मत नहीं हुई तो शिवभक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
30 जुलाई से सावन माह की शुरुआत हो रही है। सावन का पहला सोमवार तीन अगस्त को है। इसलिए एक और दो अगस्त से ही कांवड़िया गंगाजल लेने के लिए प्रयागराज के संगम रवाना होंगे। जिले के अलावा जौनपुर से भी बड़ी संख्या में कांवड़िया इसी मार्ग से जाते हैं। प्रशासन की ओर से कांवड़ मार्गों को सुरक्षित और गड्ढामुक्त बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जिले के प्रमुख मार्गों की स्थिति बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सड़कें और जलभराव शिवभक्तों की यात्रा को कठिन बना सकते हैं। जिले के प्रमुख शिवालयों में ज्ञानपुर का बाबा हरिहरनाथ मंदिर, गोपीगंज का बाबा बड़े शिव मंदिर, तिलंगा स्थित तिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर, चौरी का ओदारनाथ महादेव मंदिर और सेमराधनाथ धाम शामिल हैं। इनमें सेमराधनाथ धाम में सबसे अधिक संख्या में कांवड़िया पहुंचते हैं। आस्था का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद वहां तक पहुंचने वाले मार्ग की दशा सुधर नहीं सकी है।
हाईवे से नेवाजीपुर होकर सेमराध जाने वाला मार्ग करीब 10 से 12 किमी लंबा है। यह सड़क आठ साल पहले बनी थी। 2025 में इसकी पैचिंग की गई थी, लेकिन अब वह उखड़ गई है। मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। कई स्थानों पर जलनिकासी न होने से सड़क पर एक फीट तक पानी भरा है।
गोपीगंज नगर के पश्चिमी छोर से तिलंगा होकर तिलेश्वरनाथ मंदिर तक करीब छह किमी लंबा मार्ग है। इसकी मरम्मत करीब चार साल से नहीं हुई। पैचिंग के नाम पर खानापूर्ति की गई, जिससे इस मार्ग पर भी गड्ढे बन गए हैं। इस मार्ग पर भी शिवभक्तों की परेशानी बढ़नी तय है।
चौरी का ओदारनाथ मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां जौनपुर के सुरेरी आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। प्रयागराज से जल लेकर शिवभक्त जलाभिषेक के लिए यहां आते हैं। मंदिर तक जाने वाले मार्ग की स्थिति खराब है। कई स्थानों पर गड्ढों से शिवभक्तों की परेशानी बढ़ेगी।
क्या बोले शिवभक्त
पिछले तीन साल से कांवड़ लेकर जाता हूं। 2025 में सेमराध मार्ग कुछ सही था, लेकिन इस बार कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। सावन में सेमराध में काफी श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्रशासन को उक्त मार्ग को बनवाना चाहिए। - कमलेश यादव, पुरवा
शिवालय जाने वाले मार्गों को सही कराना चाहिए। सावन में प्रतिदिन कांवड़ियों के साथ स्थानीय भक्त भी दर्शन-पूजन के लिए मंदिर जाएंगे। सेमराध मार्ग को जल्द सही कराना चाहिए। - प्रिंस सिंह, सेमराध
अवैध कट होंगे बंद, दोनों लेन पर सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम
जिले में आगामी कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि हाईवे की दक्षिणी लेन पर संपर्क मार्गों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके लिए स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है। इसके अलावा जहां-जहां शिविर लगते हैं, उनके संचालकों से भी बात कर ली गई है। इस दौरान एक लेन पर वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में उस लेन पर अतिरिक्त फोर्स लगाकर वाहनों की गति नियंत्रित की जाएगी और जगह-जगह बने कटों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। कांवड़ यात्रा के लिए अतिरिक्त फोर्स की मांग की है।
सेमराधनाथ मार्ग पीएमजीएसवाई का है। जलभराव वाले स्थानों पर पानी निकासी के निर्देश दिए गए हैं। सावन शुरू होने से पहले सड़क को सही करा लिया जाएगा। - संदीप सरोज, एक्सईएन, लोक निर्माण