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मतदान बूथ बदला, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

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लालानगर। औराई ब्लॉक के अलमऊ गांव में ग्रामीणों ने बुधवार को प्रदर्शन कर बदले गए बूथ को मूल स्थान पर करने की मांग की है। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों के लिए बनने वाले बूथों की लिस्ट तैयार करते समय राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने निवर्तमान प्रधानों से मिलीभगत कर बूथ बदल दिया।
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बताया कि कई वर्षों से अलमऊ गांव का बूथ प्राथमिक विद्यालय में रहता था जिसे अब जुड़वऊपुर पंचायत भवन में कर दिया गया है। मिलीभगत करके बनवाया गया नया बूथ गांव से सटे होने के कारण चुनाव में धांधली की जा सकती है। इसके अलावा अलमऊ के लगभग एक हजार मतदाता नए बूथ पर पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर का चक्कर काटेंगे और जुड़ऊपुर के कुल दो सौ मतदाता अपने घर से निकल कर दो मिनट में बूथ पर पहुंचेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पूर्व में हुई शिकायत पर सदर तहसीलदार देवेंद्र यादव ने बूथ परिवर्तन का निर्देश राजस्व कर्मचारियों को दिया लेकिन कोई असर नहीं रहा। ग्रामीण तहसील, जिला मुख्यालय पर अपनी समस्या को दूर कराने के लिए पहुंचते रहे लेकिन मनबढ़ निवर्तमान ग्राम प्रधान उनके शिकायती पत्रों को कूड़ेदान में डलवाकर अपनी मंशा पूरी कर ली जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनाव से पहले नए बूथ को बदलकर प्राथमिक विद्यालय में नहीं कराया जा सका तो ग्रामीण जिला निर्वाचन अधिकारी का घेराव करने पर मजबूर होंगे। प्रदर्शन करने वालों में जयप्रकाश, दिनेश, राजपति, सुजीत कुमार, अनुज कुमार,लल्लू राम, कल्लन, शुद्धु, बड़ेलाल, छोटेलाल, राममिलन, गेना लाल समेत बड़ी संख्या में गांववासी शामिल रहे।
बुधवार को सदर एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने आए डीघ, अभोली और ज्ञानपुर ब्लॉक के मतदाता दीपकचंद, पंचूराम, जयादेवी, उर्मिला देवी, राजकुमारी, विनोद आदि को उस समय झटका लग जब एसडीएम ने यह कहते हुए उन्हें बाहर कर दिया कि अब सूची में नाम नहीं बढ़ सकता। वहीं शिकायतों की जांच कराकर गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आगामी दिनों आने वाले चुनाव में ही नाम बढ़ाए जा सकेंगे। शिकायत लेकर आए लोगों का आरोप रहा कि तीन-तीन बार से बीएलओ को कागजी औपचारिकता पूरी कर दिया जा चुका है। बावजूद इसके एक-एक घरों से कई-कई मतदाताओं का नाम पर काट दिया गया। सूची में नाम न होने के चलते उन्हें मतदान से भी वंचित होना पड़ेगा। एसडीएम चंद्रशेखर राम ने कहा कि सभी शिकायतों को एकत्रित कराकर जांच कराने की तैयार कर ली गई है।
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