जिले में लक्ष्य कम कर दिए जाने के बावजूद निर्धारित मात्रा में धान खरीद नहीं की जा सकी है। धान खरीद में अब सिर्फ दो दिन बचे हैं और छह हजार टन धान खरीद अभी बाकी है। उधर, पीएफएमएस में नाम मिसमैच होने के कारण करीब साढ़े तीन सौ किसानों का भुगतान भी लटका हुआ है।
जिला खाद्य एवं विपणन विभाग के अनुसार पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) में नाम मिसमैच और अन्य तकनीकी खामियों के कारण साढ़े तीन सौ किसानों का भुगतान फंसा हुआ है। करीब तीन करोड़ से ज्यादा धनराशि फंसी हुई है। किसान भुगतान के लिए केंद्रों पर चक्कर काट रहे हैं। जिले में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में अभी तक 74 हजार टन धान की खरीद की गई है। किसानों को धान बेचने में परेशानी न हो, उन्हें उत्पादन का उचित मूल्य मिले, इसके लिए जिले में विपणन विभाग के 15 के अलावा पीसीएफ सहित अन्य एजेंसियों के कुल 43 क्रय केंद्र खोले गए थे। शासन ने जिले को 80 हजार टन धान खरीद का लक्ष्य दिया है। इसकी तुलना में अब तक 74 हजार टन धान की खरीद ही हुई है। पहले खरीद का लक्ष्य एक लाख 27 हजार 900 टन था। डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने कहा कि 90 फीसदी किसानों का भुगतान हो चुका है और जिन किसानों का भुगतान नहीं हुआ है, उन्हें भी जल्द ही कर दिया जाएगा। करीब 74 हजार टन धान की खरीद हुई है।