ज्ञानपुर। कोरोना संक्रमण काल में ऑक्सीजन के साथ ही संक्रमितों के लिए संजीवनी बनी रेमडेसिविर इंजेक्शन के संकट ने मुश्किलें बढ़ा दी है। हालांकि जिले के प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि कोविड अस्पतालों में सभी दवाएं उपलब्ध हैं। जबकि हकीकत यह है कि जरूरत के समय ज्यादातर मरीजों व उनके परिजनों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।
अभी दो दिन पहले ही डीएम ने जिले के कुल सात निजी अस्पतालों को कोविड अस्पतालों के रूप में इलाज के लिए अधिकृत किया है। मौजूदा समय में इनमें से एक को छोड़कर कहीं पर भी ऑक्सीजन की व्यवस्था तक नहीं हो पा रही है। नतीजतन समुचित इलाज न मिलने से अब तक कई कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। हर रोज सौ से ज्यादा संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। इसमें 50 से अधिक गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं। ऐसे मरीजों के उपचार के लिए महाराजा बलवंत सिंह चिकित्सालय में एल-2 कोविड अस्पताल बना है। जबकि निजी अस्पतालों में जीवनदीप, जीवनधारा, सूर्या ट्रामा सेंटर औराई समेत जिले के कुल सात अस्पताल कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए अधिकृत हुए हैं। जिला प्रशासन की ओर से मरीजों को बेहतर उपचार का दावा तो किया जाता है लेकिन वास्तविकता कुछ और है। गंभीर रूप से पीड़ित मरीज अस्पतालों में उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं तो सबसे पहले उन्हें ऑक्सीजन की परेशानी से जूझना पड़ता है। किसी तरह से अगर ऑक्सीजन मिल भी जाता है तो रेमडेसिविर इंजेक्शन मुहैया नहीं हो पाती। जिससे समय से जरूरी उपचार न मिलने से मरीजों की मौत हो जाती है। एल-2 अस्पताल में बीते पांच दिनों में 20 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि निजी अस्पतालों में कई मरीजों की सांसे जरूरी सुविधाएं न मिलने से थम जा रही हैं।
बुधवार को कोरोना संक्रमित एक मरीज के परिजन रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए कलेक्ट्रेट से लेकर सीएमओ कार्यालय तक का चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें इंजेक्शन के लिए जरूरी डोज नहीं मिल सकी। जिसको लेकर मुख्यमंत्री के ट्वीटर पर भी शिकायत की गई। भदोही के एक निजी अस्पताल के मैनेजर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कागजों में कोविड अस्पताल अधिकृत किया गया है। ऑक्सीजन देनेेेे के बाद वापस ले लिया जाता है। जिससे जरूरतमंदों को बेहतर उपचार नहीं मिल पाता। मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि संक्रमण काल में इस तरह की लापरवाही ठीक नहीं है। इस मामले में जिला प्रशासन से जानकारी ली जाएगी।