लालानगर। थानाक्षेत्र के जहांगीराबाद गंगा घाट पर मंगलवार को चार भाई-बहनों का शव एक ही चिता पर जलाई गई। यह दृश्य देख सभी की आंखे नम हो गई। दो दिन बाद भी पाचवें बच्चे का शव नहीं मिल सका। आशंका जताई जा रही है कि बालू में दबने से शव बाहर नहीं निकल सका।
रविवार की सुबह जहांगीराबाद गंगा घाट पर मंजू देवी नामक महिला अपने पांच बच्चों को गंगा में डूबो दिया। दो बेटियों का शव पहले ही दिन मिल गया जबकि दो बच्चों का शव सोमवार को गोताखोरों को बरामद हुए। पोस्टमार्टम होने के बाद मंगलवाीर को जहांगीराबाद गंगा घाट पर एक चिता पर सभी का शव जलाया गया। अंतिम क्रियाकर्म पिता ने स्वयं अपने हाथों से किया। जिस समय पिता चार बच्चो को अग्नि को समर्पित कर रहा था, उस दौरान उसके हाथ कांपने लगे। वहां मौजूद लोगों की आंखे भी नम हो गई। एक ही बात सभी के मुख से निकल रही थी कि आखिर इन मासूम बच्चों ने कौन सा अपराध किया था। पाचवें और छोटे बेटे का शव न मिलने से परिवार वाले परेशान है। घर में सन्नाटा पसरा रहा। मंगलवार को भी गोताखोरों की मदद से पाचवें बच्चे की तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिला।